
बांदा. माफिया डॉन मुन्ना बगरंगी की सोमवार की सुबह बागपत जेल में हत्या कर दी गई, जिसके चलते यूपी की जेलों में बंद कई बाहुबलियों की नींद उड़ गई। सरकार ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, एमएलसी बृजेश सिंह, बबलू श्रीवास्तव अतीक अहमद, मोनू पहाड़ी, राजन पहाड़ी की सुरक्षा बढ़ाए जाने का आदेश जेल प्रशासन को दिए हैं। बाहुबलियों के बैरक के बाहर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात करने के साथ ही आने-जाने वाले की सघन तलाशी की जा रही है। खुद बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी और फर्रूखाबाद में सजा काट रहे मोनू पहाड़ी ने अपनी जान का खतरा बताकर दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग कर चुके हैं। जेल प्रशासन बड़ी घटना न हो इसके लिए जेल के अंदर सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं।
बढ़ाई गई सुरक्षा
बागपत जेल में माफिया डान मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन किसी प्रकार की चूक नहीं चाहता है। विधायक की बैरक पर त्रिस्तरीय सुरक्षा पहरा लगा दिया गया है। अपने खास रहे बजरंगी की हत्या से सहमा मुख्तार अंसारी दो दिनों से न तो बैरक से निकला और न ही किसी से बात की। इसके अलावा उनकी बैरक में किसी बंदी को जाने की इजाजत भी नहीं दी गई। सीसीटीवी कैमरे के जरिए 24 घंटे बंदियों की हरकतों पर नजर रखी जा रही है, खुद अधिकारी रात-रातभर जाग रहे हैं।
खौफ में जेलों के अंदर बंद माफिया
सोमवार को बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद यूपी के जेलों में बंद माफियाओं में खौफ नजर आने लगा है। जेल सूत्रों के मुताबिक मुन्ना बजरंगी की हत्या की सूचना मिलने के बाद से मुख्तार अंसारी बैरक में ही है, बाहर नहीं आ रहा है। वह खाना-पीना भी ठीक से नहीं खा रहा। जेल के हर व्यक्ति को वह संदिग्ध नजर से देख रहा है। डिप्टी जेलर तारकेश्वर सिंह ने बताया कि बैरकों की दूसरे दिन भी सघन तलाशी ली गई, जेल की बाहरी सुरक्षा को चाक चौबंद किया गया है, पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात की गई है। मुख्तार से मिलने वालों पर कड़ी नजर रखे जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। फिलहाल मुख्तार से मिलने वालों की संख्या में खासी कमी आई है, दो दिन में उनसे मिलने के लिए कोई नहीं आया।
डॉन की मौत के बाद डरे बाहुबली
झांसी जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को रविवार की देर शाम पेशी के लिए बागपत लाया गया था। यहां सोमवार की सुबह उसे गोलियों से भून दिया गया। डॉन की हत्या के चलते शासन-प्रशासन हिल गया। आनन-फानन में सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के आदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने दे दिए। काराबार मंत्री जैयकुमार जैकी ने बताया कि घटना के बाद जेल के अलाधिकारियों को खुद बैरकों में जाकर निरीक्षण करने के आदेश दिए गए हैं। जेल के अंदर बिना जांच के एक भी सामान ले जाने पर रोक लगा दी गई है।
मुख्तार कई बार लगा चुका है गुहार
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को कुछ दिन पहले दिल का दौरा पड़ा था। बाहुबली विधायक ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की थी कि उसे दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। क्योंकि बांदा जेल में उसकी जान को खतरा है। पर सरकार ने उसकी मांग नहीं सुनी। वहीं बांदा जेल के जेलर ने बताया कि बंदियों से मुलाकात करने वालों की त्रिस्तरीय जांच की जा रही है। जांच करने के बाद एक-एक को जेल के अंदर भेजा जा रहा है। सभी बैरकों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और उसके जरिए जेल की हर गतिविधि पर नजर रखी गई है।
कानपुर आना चाहता है बबलू श्रीवास्तव
वहीं दूसरी तरफ बरेली जेल में बंद डॉन बबलू श्रीवास्तव ने कुछ दिन पहले अपनी जान का खतरा बता कर कानपुर जेल भेजे जाने की गुहार लगाई थी। लेकिन उसकी मांग नहीं मानी गई। बबलू पिछले कई सालों से बरेली जेल में बंद है और कानपुर में भी इसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। दो साल तक वह बरेली से पेशी के लिए कानपुर कोर्ट लाया जाता रहा, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए अब वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए कोर्ट में उसकी सुनवाई होती है। इसके अलावा यूपी की बनारस जेल में बृजेश सिंह, तो देवरिया जेल में अतीक अहमद भी बंद है। जो मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से सहम गए हैं।