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‘जिंदा हूं साहब, फिर भी पेंशन बंद!’ किसान का वीडियो शेयर कर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा

Congress Targets BJP:बांदा के 85 वर्षीय किसान रामखेलावन ने आरोप लगाया कि सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने से उन्हें पेंशन और किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही। कांग्रेस ने उनका वीडियो शेयर कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाए।
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बांदा न्यूज़

बुजुर्ग किसान का वीडियो शेयर कर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा

Banda Farmer News:उत्तर प्रदेश के बांदा में एक बुजुर्ग किसान की गुहार सरकारी व्यवस्था और अभिलेखों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। 85 वर्षीय किसान रामखेलावन का आरोप है कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इसका खामियाजा उन्हें वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहकर भुगतना पड़ रहा है। अपनी जिंदगी साबित करने के लिए बुजुर्ग को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।जिसको लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस ने वीडियो साझा कर सरकार को घेरा

कांग्रेस ने अपने एक्स अकाउंट से वायरल हो रहे वीडियो को साझा करते हुए लिखा, “अभी ज़िंदा हूं साहब, मुझे न्याय दो!” पार्टी ने बुंदेलखंड के बुजुर्ग किसान की इस गुहार के बहाने सरकारी व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।कांग्रेस का कहना है कि जब एक जीवित किसान को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्ज किए जाने के कारण बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़े, तो व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पार्टी ने इसे भाजपा सरकार में प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया है।

रिकॉर्ड में मृत होने से योजनाओं का लाभ बंद

बांदा के 85 वर्षीय किसान रामखेलावन के अनुसार, सरकारी अभिलेखों में मृत दर्ज होने के कारण उन्हें वृद्धावस्था पेंशन, किसान सम्मान निधि और दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर आर्थिक सहायता से वंचित होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है।सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद बुजुर्गों और किसानों को आर्थिक सहारा देना है। ऐसे में यदि अभिलेखों में दर्ज किसी गलत जानकारी के कारण पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित हो जाता है, तो उसके सामने अपनी पहचान और जीवित होने का प्रमाण देने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

ग्राम प्रधान और सचिव पर लगाया आरोप

पीड़ित किसान ने अपनी परेशानी के लिए ग्राम प्रधान और सचिव को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि इस वजह से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल, किसान की समस्या के समाधान, रिकॉर्ड में सुधार और बकाया सरकारी लाभों को लेकर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। अब सवाल यह है कि 85 वर्षीय किसान को अपनी जिंदगी साबित करने के लिए कब तक भटकना पड़ेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ कब मिलेगा।