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जान का खतरा बताकर पहुंचे बांदा कोर्ट! मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास और बहू निखत बानो की पेशी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी अपनी पत्नी निखत के साथ सुनवाई के लिए बांदा की एंटी-करप्शन कोर्ट पहुंचे। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्होंने पेश होने से छूट मांगी।
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Abbas Ansari

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी फोटो एएनआई

Abbas Ansari Nikhat Bano Banda Court Appearance: माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निखत बानो को कड़ी सुरक्षा के बीच बांदा की विशेष अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया था। अब्बास अंसारी ने सुरक्षा एजेंसियों को दिए पत्र और अपनी दलीलों में जान का गंभीर खतरा जताया है, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया। विधायक अब्बास अंसारी पत्नी निकहत अंसारी पांच गाड़ियों के काफिले से पहुंचे थे। अब्बास की गाड़ी कोर्ट परिसर के अंदर गई थी बाकी गाड़ियां बाहर खड़ी रहीं। वह ढाई घंटे तक कोर्ट के अंदर रहे।

कोर्ट परिसर बना छावनी, चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल

अब्बास और निखत की बांदा कोर्ट में पेशी को लेकर सुबह से ही हलचल तेज थी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मेटल डिटेक्टर, डाग स्क्वाड और भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों को कोर्ट रूम तक ले जाया गया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना या सुरक्षा में चूक को रोका जा सके।

सुरक्षा को लेकर पहले भी जता चुके हैं आशंका

अब्बास अंसारी और उनके परिजनों की ओर से पहले भी कई बार जान माल के खतरे की आशंका जताई जा चुकी है। चित्रकूट जेल कांड और कासगंज जेल ट्रांसफर के बाद से ही अब्बास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार याचिकाएं दाखिल की जाती रही हैं। वकीलों ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि जेल से कोर्ट लाने-ले जाने के दौरान जान का जोखिम बना रहता है, इसलिए सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

अदालत में आगे की प्रक्रिया पर निगाहें

कोर्ट में पेशी के दौरान कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और सुरक्षा संबंधी अर्जी पर अदालत के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सुनवाई संपन्न होने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ही अब्बास और निखत को वापस रवाना किया गया।