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तेज रफ्तार ट्रक की ब्रेक और खत्म हो गईं 3 जिंदगी, सड़क पर बिखर गईं मां के हाथों की बनी पूड़ी-सब्जी

Banda Bike Accident: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा। बिना हेलमेट के चित्रकूट जा रहे 3 दोस्तों की मौत। तेज रफ्तार बाइक ट्रक में पीछे से घुसी, मची चीख-पुकार। जानें पूरी खबर...
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बांदा

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Pratiksha Gupta

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Updated: 16 Jun 2026, 12:46 PM IST

Banda bike accident news, Uttar Pradesh road accident

सिर पर हेलमेट नहीं था, सड़क पर बिखरीं दोस्तों की लाशें | फोटो सोर्स- patrika.com

Bundelkhand Expressway Accident: रफ्तार का शौक और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी एक बार फिर तीन हंसते-खेलते परिवारों पर भारी पड़ गई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन पक्के दोस्तों की मौत हो गई। सोमवती अमावस्या पर चित्रकूट दर्शन करने निकले इन युवकों की तेज रफ्तार बाइक आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों दोस्तों की जान चली गई। अगर इन दोस्तों ने हेलमेट पहना होता, तो शायद आज ये जिंदा होते।

अचानक लगे ब्रेक और हो गया बड़ा हादसा

यह दर्दनाक हादसा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चंदौर गांव के मोड़ के पास हुआ। कोरारी गांव के रहने वाले रामबाबू (30 वर्ष) अपने चचेरे भाई संजय (30 वर्ष) और दोस्त अरविंद (30 वर्ष) के साथ रविवार की रात बाइक से चित्रकूट के लिए निकले थे।
रात के करीब 9 बजे, जब वे एक मोड़ पर पहुंचे, तो आगे चल रहे एक ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण संजय बाइक को संभाल नहीं पाया और बाइक सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक चला रहे संजय और बीच में बैठे अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई। सबसे पीछे बैठे रामबाबू की सांसें चल रही थी, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया।

बची रह गई पूड़ी-सब्जी, उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार

यह हादसा कितना दिल दुखाने वाला है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीनों दोस्तों ने सफर में खाने के लिए घर से पूड़ी-सब्जी भी साथ बांधी थी। खाना तो वैसा का वैसा ही रखा रह गया, लेकिन उसे खाने वाले दोस्त नहीं रहे। इस हादसे ने तीनों परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। मृतक रामबाबू की सिर्फ सालभर पहले ही शादी हुई थी। वहीं बाइक चला रहा संजय अभी अविवाहित था और उसने साल 2023 में ही यह बाइक खरीदी थी। हादसे का तीसरा शिकार बने अरविंद बेहद गरीब और मजदूर परिवार से था, जो अपने पीछे पत्नी ममता, दो बेटियां और एक मासूम बेटा छोड़ गया। ये तीनों दोस्त आपस में बहुत गहरे यार थे और हमेशा साथ ही रहते थे।

एक हेलमेट बचा सकता था तीन जिंदकियां

हादसे के बाद पुलिस ने बाइक के नंबर से मृतकों की शिनाख्त की और देर रात परिजनों को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही गांव और परिवारों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते पिता ने कहा कि अगर बेटों ने हेलमेट पहना होता, तो शायद आज सिर पर इतनी गंभीर चोटें न आती और उनकी जान बच जाती। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से भाग गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।