पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह लखनऊ में तथा उनके माता-पिता व अन्य परिजन गांव में ही रहते हैं।
बांदा. बांदा में बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चंद दिन पहले तक सूबे की पुलिस के मुखिया रहे पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के चाचा के घर पर ही बदमाशों ने लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। लाखों की नकदी व जेवरात उड़ाकर ले जाने वाले बदमाश वृद्ध महिला के ऊपर जानलेवा हमला कर मौके से फरार हो गये थे। पुलिस अधीक्षक शालिनी ने मंगलवार को बताया कि सोमवार तड़के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के चाचा गजेंद्र सिंह के घर में बदमाशों ने उनकी चाची मीरा सिंह को घायल कर अलमारी में रखे लगभग सात लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और दो लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। वारदात के समय परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे।
घटना तिंदवारी थाना क्षेत्र के जौहर पुर गांव की है। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह लखनऊ में तथा उनके माता-पिता व अन्य परिजन गांव में ही रहते हैं। जौहरपुर के मजरा चारकूरा में सुलखान सिंह के चाचा शिक्षक गजेंद्र सिंह परिवार के साथ रहते हैं। रविवार रात 2 बजे डकैत घर में पीछे की छत से दाखिल हुए और मुख्य दरवाजे में लगा ताला तोड़ दिया। गजेंद्र सिंह, पत्नी पिंकी तथा गजेंद्र के चचेरे भाई सिद्धार्थ सिंह, उनकी पत्नी रतनमाला आदि अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। डकैतों ने उनके कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर दी, गजेंद्र की मां शिवकली व चाची मीरा देवी आंगन में सो रही थीं। बदमाशों ने लूट के इरादे से पूर्व डीजीपी के चाचा के घर में धावा बोल दिया और वृद्धा पर जानलेवा हमला कर लाखों के जेवरात समेत ढाई लाख रुपये नगदी लूट लिए। जब घर के और लोग जगे और विरोध में फायरिंग की तब आधा दर्जन बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग निकले।
शोरगुल सुनकर आए प्रधान प्रतिनिधि शालू सिंह अपने छोटे भाई शीलू सिंह आदि ने पुलिस को सूचना दी। सोमवार सुबह 4 बजे तिंदवारी इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव और बेंदाघाट चौकी प्रभारी योगेंद्र सिंह पटेल मौके पर पहुंचे, फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। गांव के बाहर ट्यूबवेल के पास खाली अटैची, झोला व बक्सा आदि पड़े मिले। घायल मीरा देवी को तिंदवारी पीएचसी में भर्ती कराया गया है । गजेंद्र सिंह की तहरीर पर तिंदवारी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है । सूचना पर आज एसपी शालिनी भी मौके पर पहुँचीं व घटना की जानकारी ली।
पूर्व डीजीपी के परिजनों पर हुई इस वारदात से गांव ही नहीं अपितु जिले के आस-पास के गांव में भी भारी भय का माहौल देखने को मिल रहा है। योगी सरकार की पुलिस ने कितने ही क्रिमिनल के एनकाउंटर व आत्म समर्पण क्यों न करवाएं हों, लेकिन जिस तरह से बांदा में आए दिन बदमाश बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, उससे तो बांदा पुलिस की कार्य शैली पर जरूर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पूरे मामले की जानकारी जब पुलिस को दी गई तो परिजनों का कहना है कि पुलिस इस मामले को बेहद ही लापरवाही तरीके से ले रही है और लूट की इस वारदात को चोरी की घटना के रूप में निपटाने की तैयारी में जुट गई है। वहीं बाँदा एसपी शालिनी का कहना है कि यह चोरी की घटना है, पीड़ितों के अनुसार बदमाश दो लाख रुपए और जेवरात ले गए हैं। इसके तहत धारा 457 व 382 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई और जाँच उपरान्त उचित कार्यवाही की जाएगी।