Atiq Ahmad Murder: अतीक अहमद की हत्या के मामले में एसआईटी की टीम ने शूटर लवलेश के तीनों दोस्तों को बांदा से हिरासत में लिया है।
यूपी पुलिस की कस्टडी में माफिया डॉन अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद से ही पूरे प्रदेश में महौल गरम है। पुलिस इस हत्याकांड में रोज नए खुलासे कर रही है। इस मामले में अतीक के तीन हत्यारों में से एक लवलेश तिवारी के तीन दोस्तों को एसआईटी ने आज यानी गुरूवार को हिरासत में लिया है। SIT ने बांदा रेलवे स्टेशन इन तीनों को हिरासत में लिया गया है। आपको बता दें कि पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि तथाकथित कुछ पत्रकार लवलेश तिवारी को मीडिया की ट्रेनिंग दे रहे थे। एसआईटी की टीम बांदा के अलावा हमीरपुर और कासगंज भी पहुंची है।
शेर-ए-अतीक व्हाट्सएप ग्रुपका मेंबर था अरुण
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जानकारी मिली है कि शूटर अरुण मौर्या एक समय पर शेर-ए-अतीक व्हाट्सएप ग्रुपका मेंबर था। ये ग्रुप माफिया अतीक अहमद के बेटे असद ने खुद बनाया था। उमेश पाल हत्याकांड में सरेआम गोलियां चलाने वाले असद को यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर के दौरान ढेर कर दिया था। उसी असद के बनाए व्हाट्सएप ग्रुपके एक लड़के अरुण मौर्य ने उसके बाप और कुख्यात अपराधी अतीक को भी हॉस्पिटल के बाहर गोलियों से मार डाला।
अरुण ने छोड़ दिया था असद का बनाया व्हाट्सएप ग्रुप
रिपोर्ट के अनुसार, असद ने अतीक के कामों के लिए बनाए गए इस व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसी वीडियोज और फोटोज शेयर किए जाते थे, जिसमें अतीक के वर्चस्व की कहानी और उसकी दहशत दिखाई जाती थीं। ऐसी ही कई वीडियो-फोटोज इस ग्रुप में जुड़कर अतीक के हत्यारे अरुण मौर्य ने भी देखी होंगी। हो सकता है कि माफिया अतीक जैसा बनने का आइडिया उसे इसी ग्रुप से मिला होगा। हालांकि बाद में अरुण मौर्य ने ये व्हाट्सएप ग्रुपछोड़ दिया और गैंग 90 नाम के दूसरे व्हाट्सएप ग्रुपसे जुड़ गया। ये सारी जानकारी SIT के हाथ लग गई हैं।