बैंगलोर

31 दिसम्बर तक दाखिल कर सकेंगे वार्षिक जीएसटी रिटर्न

जिन वितरकों का कारोबार 5 करोड़ या उससे कम है उन्हें तिमाही रिटर्न दाखिल करना है
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Updated: 23 Sep 2018, 6:12 PM IST
sushil modi
३१ दिसम्बर तक दाखिल कर सकेंगे वार्षिक जीएसटी रिटर्न

बेंगलूरु. जीएसटी का वार्षिक रिटर्न फार्म १५ नवम्बर तक तैयार हो जाएगा और विक्रेता व वितरक इसे ३१ दिसम्बर तक दाखिल कर सकेंगे। जीएसटी लागू होने के बाद वार्षिक रिटर्न फार्म दाखिल करने का यह पहला मौका होगा।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) पर गठित राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को यहां समूह की बैठक के बाद कहा कि जिन वितरकों का कारोबार २ करोड़ रुपए से ज्यादा है उन्हें ३१ दिसम्बर तक वार्षिक रिटर्न के साथ ही अंकेक्षण रिपोर्ट भी दाखिल करना है। मोदी ने कहा कि नए सरलीकृत रिटर्न फार्म को भी अनुमोदित कर दिया गया है और अगले कुछ महीनों में इसका उपयोग हो सकेगा। मोदी ने कहा कि जिन वितरकों का कारोबार 5 करोड़ या उससे कम है उन्हें तिमाही रिटर्न दाखिल करना है। करीब 95 फीसदी वितरक इसी श्रेणी में आते हैं। मोदी ने कहा कि इसके अलावा दो साफ्टेवयर भी तैयार किए हैं जिनसे कारोबारियों को मदद मिलेगी। सहज उन वितरकों के लिए है जो ग्राहकों से व्यापार करते हैं जबकि सुगम उन व्यापारियों के लिए है जो वितरण के साथ ही बिक्री भी करते हैं। इसे जल्द ही लांच किया जाएगा। इसके अलावा कर निरीक्षकों के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है जिसका उपयोग वे बाजार निरीक्षण के दौरान कर संबंधी मामलों में कर सकेंगे।
मोदी ने कहा कि तिमाही रिटर्न दाखिल करने के बावजूद वितरकों को कर का भुगतान मासिक तौर पर ही करना होगा। मोदी ने कहा जिन्होंने जुलाई महीने का जीएसटीआर-१ दाखिल नहीं किया है वे अब भी बिना विलम्ब शुल्क के इसे भर सकते हैं। इसके लिए समय-सीमा ३१ अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
1 अक्टूबर से ई-कॉमर्स भी कर
मोदी ने कहा कि ऑनलाइन करोबार (ई-कॉमर्स) पर भी जीएसटी १ अक्टूबर से लागू हो जाएगा। अधिकांश राज्यों ने इसके लिए तैयारी कर ली है। मोदी ने कहा कि इससे तुरंत राजस्व नहीं बढ़ेगा लेकिन दीर्घावधि मेें यह फायदेमंद साबित होगा।

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