अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से तैयार हो रही हैं शहर की सडक़ें 1700 करोड़ रुपए खर्च कर रही है सरकार 97 सडक़ों, 150 किमी नेटवर्क पर चल रहा काम
आइटी सिटी बेंगलूरु की सडक़ों को सुदृढ़ बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक के हिसाब से व्हाइट टॉपिंग की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार 1700 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।
यहां रविवार को विभिन्न सडक़ों के विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच करने के बाद उप मुख्यमंत्री व बेंगलूरु विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कुल 97 सडक़ों पर व्हाइट टॉपिंग का काम चल रहा है। इससे 150 किलोमीटर सडक़ नेटवर्क पर व्हाइट टॉपिंग होगी। बेंगलूरु की सभी शहरी एजेंसियों को शामिल कर इन सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है और इनमें बिजली केबल, संचार केबल आदि नालिकाओं का प्रावधान किया जा रहा है। ये सडक़ों का जीवनकाल काफी लंबा होगा। भविष्य में विभिन्न उपयोगिताओं के लिए इन सडक़ों को काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता तेज गति से गुणवत्तापूर्ण काम करना है। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 11 महीने की समय सीमा दी गई है। इस परियोजना के दूसरे चरण में 450 किलोमीटर सडक़ों पर व्हाइट टॉपिंग की जाएगी। इन परियोजनाओं के बाद, बेंगलूरु में कुल 1700 किलोमीटर सडक़ें व्हाइट टॉप वाली होंगी। वर्षा जल निकासी के लिए नालियों के निर्माण का कार्य भी पूरा करने का काम शुरू कर दिया है। ये सभी काम एक दिन में नहीं होंगे। लेकिन, वित्त की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, बेंगलूरु की विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का निरीक्षण करने और यह देखने आए थे कि क्या हो रहा है। वह चाहते हैं कि लक्ष्य हासिल करते हुए बजट का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। केंद्रीय रेल मंत्री के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि बेंगलूरु में टनल रोड परियोजना सही नहीं है उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है, तो वे महाराष्ट्र में टनल रोड क्यों बना रहे हैं? बेंगलूरु में टनल रोड परियोजनाओं से रेल मंत्री का क्या लेना-देना है? इस गर्मी में जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, बेंगलूरु में पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कावेरी 5वें चरण की परियोजना शुरू की है। लोगों को आगे आकर कावेरी जल कनेक्शन लेना चाहिए।