मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने शुक्रवार को पेश बजट में राज्य में रोके जा सकने वाली मातृ मृत्यु दर Maternal mortality rate को न्यूनतम करने के लिए मिशन मोड कार्यक्रम विकसित करने का प्रस्ताव किया।
-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 17473 करोड़ रुपए
बेंगलूरु.
सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पर बजट Karnataka Budget का चार फीसदी यानी कि कुल 17,473 करोड़ रुपए खर्च करेगी। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने शुक्रवार को पेश बजट में राज्य में रोके जा सकने वाली मातृ मृत्यु दर Maternal mortality rate को न्यूनतम करने के लिए मिशन मोड कार्यक्रम विकसित करने का प्रस्ताव किया। इसके लिए 320 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। कर्नाटक सरकार महिलाओं Women में जलने से होने वाली चोटों की रोकथाम और उपचार पर केंद्रित एक अग्रणी नीति पेश करेगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल होगी।
नवीन डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर गंभीर प्रसवोत्तर रक्तस्राव के उपचार और रोकथाम के लिए अस्पतालों को सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित करके प्रसूति सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया को रोकने के लिए पिछड़े जिलों में पोषण किट, वित्तीय प्रोत्साहन और माताओं के लिए वात्सल्य किट वितरित किए जाएंगे। पदों की पुनर्नियुक्ति के माध्यम से प्रत्येक तालुका अस्पताल में एमसीएच विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।-पूरे राज्य में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले 14 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और बेंगलूरु शहर में 100 बिस्तरों की क्षमता वाला एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया गया है।
-अथनी, हुनगुंड और मुधोल में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
-कर्नाटक मस्तिष्क स्वास्थ्य कार्यक्रम को सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तारित करने के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
-मानसिक रूप से बीमार मरीजों mentally ill patients के इलाज के लिए गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी में सभी जिला स्तरीय अस्पतालों में वेलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
-बेंगलूरु उत्तर तालुक में 150 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक और अच्छी तरह से सुसज्जित 200 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा।
मालूरु, मागडी, कुशलनगर, कोराटगेरे, जगलुरु, सावनुरु, रामदुर्ग और सवदत्ती में तालुका अस्पतालों एवं दावणगेरे में जिला अस्पताल और मंगलूरु में वेनलॉक अस्पताल के नवीनीकरण के लिए 650 करोड़ रुपए।
-चित्रदुर्ग जिले के मोलकालमुरू में 200 बिस्तरों वाला अस्पताल और कोडुगू जिले के विराजपेटे में 400 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
-मैसूरु जिले के तगदुरू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा।
- प्रसवपूर्व और शिशुओं में दुर्लभ चयापचय विकारों के निदान के लिए एक कार्यक्रम पहले चरण में पायलट आधार पर कल्याण कर्नाटक और खनन प्रभावित क्षेत्रों में 10 करोड़ रुपए की लागत से लागू किया जाएगा।
-महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम के लिए, पहले चरण में 9 करोड़ रुपए की लागत से खनन प्रभावित क्षेत्रों और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के 20 तालुकों में 14 वर्ष की आयु की महिलाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
-पूरे राज्य Karnataka में गृह आरोग्य योजना के विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपए।
-मलेनाड क्षेत्रों में व्याप्त चिकनगुनिया, डेंगू और क्यासानुर वन रोग KFD (केएफडी) जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण के लिए एहतियाती नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से एक विशेष मिशन-मोड कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
-वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उच्च टीबी मामले वाले स्वास्थ्य केंद्रों को 100 ट्रू एनएटी मशीनें प्रदान की जाएंगी।