बैंगलोर

कृषि मंत्री पाटिल ने साधा सिद्धू पर निशाना

एकवचन में संबोधित करना ठीक नहीं
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कृषि मंत्री पाटिल ने साधा सिद्धू पर निशाना
कृषि मंत्री पाटिल ने साधा सिद्धू पर निशाना

बेंगलूरु. कृषि मंत्री बीसी पाटिल ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि केंद्र तथा राज्य सरकार ने किसान तथा आम लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि हर सरकार सरकार को प्राप्त राजस्व से ही विकास योजनाएं लागू करती है। कोई भी राजनेता अपनी पैतृक संपत्ति से ऐसी योजनाएं नहीं चलाता। सिद्धरामय्या का अन्नभाग्य योजना का व्यक्तिगत रूप से श्रेय लेना ठीक नहीं है। नेता प्रतिपक्ष का इस योजना के अंतर्गत 7 किलो चावल वितरित करने का दावा गलत है। केंद्र तथा राज्य सरकार किसान सम्मान योजना के अंतर्गत 1 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में राशि जमा कर रही है? क्या यह कल्याणकारी योजना नहीं है? क्या कोरोना महामारी के दौरान केंद्र तथा राज्य सरकार ने आम लोगों की मदद नही की है? क्या कृषि उत्पादों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं की जा रही है? केवल 2 किलो चावल की कटौती पर सरकार को घेरना ठीक नहीं है।

सिद्धू के बयानों पर विश्वनाथ को ऐतराज
बेंगलूरु. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा के खिलाफ जिस स्तर की भाषा का उपयोग कर रहे हैं, यह उनके पद के अनुरूप नहीं है। बेंगलूरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अध्यक्ष एसआर विश्वनाथ ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहे सिद्धरामय्या को अपनी भाषा के स्तर का विशेष ध्यान रखना चाहिए। येडियूरप्पा इस राज्य के मुख्यमंत्री हैं लिहाजा उन्हें एकवचन में संबोधित करना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि सिद्धरामय्या ने इससे पहले भी केएस ईश्वरप्पा समेत कई भाजपा के नेताओं के खिलाफ निम्न स्तर की भाषा का उपयोग किया है। सार्वजनिक जीवन में नेताओं को सार्वजनिक सभाओं के दौरान शब्दों के चयन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विरोधियों का तर्कों से खंडन मंडन किया जा सकता है लेकिन किसी भी हालत में नेता को एकवचन में संबोधन नहीं किया जाना चाहिए।

Published on:
04 Apr 2021 05:57 am
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