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कर्नाटक में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू, CM डीके शिवकुमार ने की शुरुआत

Voter List Revision: कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत हो गई है, जो 29 जुलाई तक चलेगा। नागरिकों से अपने वोटर विवरण, मोबाइल नंबर और दस्तावेज अपडेट कर समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की गई है।
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CM DK Shivkumar

कर्नाटक में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू (ANI)

Karnataka Voter List Rivision: कर्नाटक में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत आज (मंगलवार) से पूरे राज्य में कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत राज्य के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (D. K. Shivakumar) ने अपने सदाशिवनगर स्थित आवास पर गणना फॉर्म भरकर की।

29 जुलाई तक चलेगा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान

कर्नाटक में शुरू हुआ यह विशेष अभियान 29 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान राज्य के सभी पात्र नागरिकों के नाम, पते, मोबाइल नंबर और अन्य विवरणों का सत्यापन और अपडेट किया जाएगा, ताकि वोटर लिस्ट को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।

नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

डीके शिवकुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने मतदाता विवरण की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो उसे तुरंत पंजीकरण कराना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मतदाता अपने मोबाइल नंबर और व्यक्तिगत विवरण समय पर अपडेट करें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।

मोबाइल नंबर और OTP आधारित सत्यापन पर जोर

CM ने बताया कि इस प्रक्रिया में मोबाइल नंबर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुराने मोबाइल नंबर के माध्यम से ही फॉर्म डाउनलोड किया जा सकता है और नए नंबर पर OTP भेजकर सत्यापन पूरा किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उनका नंबर बदल गया है, तो नया नंबर अधिकारियों को अवश्य उपलब्ध कराएं।

BLO और BLA स्तर पर डिजिटल समन्वय

शिवकुमार ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), बूथ लेवल एजेंट (BLA) और पर्यवेक्षकों द्वारा पहले ही व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए जा चुके हैं, जिससे जानकारी का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने नागरिकों से भी परिवार स्तर पर समन्वय बनाकर फॉर्म भरने और जानकारी साझा करने की अपील की।

डाक्यूमेंट्स में सुधार और नाम सुरक्षित रखने की अपील

उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर निवासी प्रमाण पत्र या जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हर योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना है।

समयसीमा के भीतर फॉर्म जमा करने की अपील

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गणना फॉर्म 7 दिनों के अंदर घर-घर पहुंचाए जाएंगे और नागरिकों को इन्हें भरकर 29 जुलाई तक जमा करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति घर पर मौजूद नहीं है, तो परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य सही जानकारी के साथ फॉर्म भर सकता है।

मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

डीके शिवकुमार ने आखिर में कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज रहना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नाम सूची से हट जाता है, तो भविष्य में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है।

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