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NEET उम्मीदवारों के एग्जाम छूटने के लिए कांग्रेस रैली जिम्मेदार नहीं, बेंगलुरु पुलिस ने फैक्ट-चेक में किया बड़ा खुलासा

NEET Paper Leak Controversy: बेंगलुरु पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि NEET अभ्यर्थी की परीक्षा छूटने के लिए कांग्रेस रैली जिम्मेदार नहीं थी। जानिए फैक्ट-चेक रिपोर्ट में क्या सामने आया।
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बैंगलोर

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Devika Chatraj

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Updated: 23 Jun 2026, 3:25 PM IST

NEET UG Re Exam Delay Fact Check

NEET परीक्षा उम्मीदवारों को हुई देरी में बेंगलुरु पुलिस का फैक्ट-चेक (Patrika Graphic)

NEET UG Re Exam 2026: बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस रैली को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों को पुलिस ने खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ट्रैफिक जाम की वजह से एक NEET-UG स्टूडेंट्स एग्जाम सेंटर टाइम पर नहीं पहुंच सका। बेंगलुरु सिटी पुलिस और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस की जांच में सामने आया है कि छात्र की देरी का कारण रैली नहीं, बल्कि देर से घर से निकलना और लॉन्ग रूट चुनना था।

क्या है पूरा मामला?

21 जून को दोबारा से आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुईं। इन पोस्ट्स में दावा किया गया कि पैलेस ग्राउंड्स में हुई कांग्रेस रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम लगा, जिसकी वजह से कुछ छात्र परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाए। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

विवाद बढ़ने के बाद बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, यात्रा मार्ग (रूट एनालिसिस) और स्टूडेंट्स और उसके माता-पिता से बातचीत के आधार पर जांच की। जांच में पता चला कि संबंधित छात्र दोपहर 12:57 बजे आरटी नगर स्थित अपने घर से निकला था और दोपहर 1:33 बजे एग्जाम सेंटर पहुंचा। एग्जाम सेंटर में एंट्री का टाइम दोपहर 1:30 बजे तक था, यानी स्टूडेंट तीन मिनट की देरी से पहुंचा। पुलिस के अनुसार, स्टूडेंट ने निर्धारित कट-ऑफ टाइम से महज 33 मिनट पहले घर से निकला था। इसके अलावा स्टूडेंट का रूट भी काफी लंबा था।

जांच में जाम के सबूत नहीं मिले

बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने अपने फैक्ट-चेक में स्पष्ट किया कि उस दिन शहर में ट्रैफिक की स्थिति सामान्य थी। जांच के दौरान ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि कांग्रेस रैली के कारण बड़े स्तर पर ट्रैफिक जाम लगा था। पुलिस ने यह भी बताया कि रस्ते पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी आवश्यकता पड़ने पर स्टूडेंट्स की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद करते दिखाई दिए।

बेंगलुरु पुलिस का आधिकारिक बयान

बेंगलुरु सिटी पुलिस ने कहा कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, अभ्यर्थी और उसके परिवार से हुई बातचीत तथा मार्ग विश्लेषण से यह साबित नहीं होता कि सार्वजनिक कार्यक्रम या कांग्रेस रैली से उत्पन्न ट्रैफिक जाम छात्र की देरी का कारण था। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि परीक्षा छूटने की घटना को कांग्रेस रैली से जोड़ना तथ्यों के अनुरूप नहीं है।

भाजपा ने साधा निशाना

इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने छात्रों के भविष्य से अधिक राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी।

मंत्री प्रियंक खड़गे ने सुधांशु त्रिवेदी के आरोपों को बताया गलत

वहीं, कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खड़गे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में आयोजित NEET-UG एग्जाम कांग्रेस रैली की वजह से प्रभावित नहीं हुई। प्रियंक के अनुसार, एग्जाम सेंटर पर सिर्फ तीन स्टूडेंट अपने निजी कारणों से परीक्षा नहीं दे सके। उन्होंने बताया कि एक छात्र बस छूट जाने के कारण समय पर नहीं पहुंच पाया, दूसरा छात्र पुराना हॉल टिकट लेकर पहुंचा था, जबकि आरटी नगर का एक छात्र निर्धारित समय तक परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सका।

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