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श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर अमित शाह ने किया धारा 370 हटाने का जिक्र? आखिर कैसे हुई थी जनसंघ के पहले अध्यक्ष की मौत

Amit Shah Speech: श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक संविधान' के लिए बलिदान दिया था।

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Amit Shah on Syama Prasad Mookerjee Death Anniversary.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

Syama Prasad Mookerjee Death Anniversary: भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को श्रद्धांजलि दी। नई दिल्ली में NAFED के नीलामी पोर्टल की शुरुआत के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने उन्हें देश के महानतम नेताओं में से एक बताया, जिनके योगदान ने भारत की एकता-अखंडता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि 23 जून को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'आज 23 जून मेरे जैसे कई कार्यकर्ताओं के लिए बहुत प्रेरणादायक दिन है जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। इसी दिन श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश को एकजुट रखने और 'एक देश, एक संविधान, एक नेता' के आदर्श को पूरा करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।'

'संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत'

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद रहने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मृत्यु हो गई थी और उन्हें चिकित्सा सुविधा भी नहीं मिली थी। शाह ने भारत के विभाजन के दौरान मुखर्जी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया कि पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहे, जबकि पूर्वी बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा बन जाए।

'मुखर्जी की वजह से पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग'

अमित शाह ने कहा, 'आज़ादी से पहले, जब विभाजन हो रहा था, तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल भारत में रहे और पूर्वी बंगाल पाकिस्तान में चला जाए। इसी वजह से आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना हुआ है।'

अनुच्छेद 370 देश की एकता-अखंडता के लिए खतरनाक था

अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले पूर्व विशेष दर्जे का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस प्रावधान ने उस क्षेत्र के लिए एक अलग संवैधानिक ढांचा तैयार कर दिया था। उन्होंने कहा, 'देश की आज़ादी के बाद कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया गया था। कश्मीर का अपना राज्य ध्वज, अपना अलग संविधान, अपना प्रधानमंत्री और अपना राष्ट्रपति था। यह अवधारणा भारत की एकता और अखंडता के लिए बहुत खतरनाक थी।'

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