
भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन (Photo- IANS)
George Kurian steps down as union minister: भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने आज राज्यसभा में अपना छह साल का कार्यकाल समाप्त होने और पार्टी द्वारा संसद के उच्च सदन में उन्हें फिर से मनोनीत नहीं किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वे केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री के पद पर थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत जॉर्ज कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद से ही इसके सदस्य रहे। उन्होंने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की सदस्यता, भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भाजपा की केरल इकाई के उपाध्यक्ष जैसे विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के वकील के तौर पर भी काम किया है।
भाजपा सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्ज कुरियन को पहले से सूचित नहीं किया गया था कि उन्हें इस वर्ष राज्यसभा के लिए पुनः मनोनीत नहीं किया जाएगा। राज्यसभा के लिए 4 जून को जब उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हुई तब उन्हें इसको लेकर हैरानी हुई। केरल के इस नेता को भी पूर्व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की तरह इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि पार्टी ने उन्हें फिर से मनोनीत नहीं किया था।
उन्होंने 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिसे जिसे केरल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा द्वारा ईसाई समुदाय तक पहुंचने के प्रयास के रूप में देखा गया था। बाद में उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का कार्यभार संभाला। इससे पहले जॉर्ज कुरियन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ राजगोपाल के ओएसडी के रूप में कार्य कर चुके थे।
Updated on:
23 Jun 2026 11:19 am
Published on:
23 Jun 2026 10:46 am
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