
कांग्रेस नेता जयराम रमेश। ( फोटो : ANI)
India US trade deal: फ्रांस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिले। करीब 16 महीने बाद दोनों नेताओं की द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। इस बातचीत के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई। इसी सिलसिले में अमेरिकी ट्रेड रिप्रजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर भारत दौरे पर आए हुए हैं। वह 23 व 24 जून को इंडिया-यूएस ट्रेड डील को लेकर भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल व अन्य अधिकारियों संग बातचीत करेंगे। ग्रीर के भारत दौरे पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि USTR जेमिसन ग्रीर भारत दौरे पर हैं। 6 फरवरी 2026 को ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान जारी किया था। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का वादा किया। इसके बदले भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलने पर सहमति जताई। साथ ही, अगले पांच वर्षों तक अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर तक की खरीद का वादा किया, लेकिन इस बयान के कुछ ही दिन बाद 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया के कई मुल्कों पर लगाए गए रेसिप्रॉकल टैरिफ को गैर कानूनी करार दिया।
जयराम रमेश ने आगे कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका ने भारत सहित अपने सभी व्यापारिक भागीदारों पर 10 फीसदी का अस्थाई टैरिफ लगा दिया। जिसकी समयावधि 24 जुलाई को खत्म हो रही है। जयराम ने आगे पूछा कि इसके बाद क्या होगा? इस पर दोनों ओर से अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत और अन्य 60 देशों के व्यापार प्रथाओं की जांच कर रहा है। जिसके परिणाम कुछ हफ्तों में आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन इस जांच का इस्तेमाल भारत को 6 फरवरी 2026 को घोषित समझौते पर दबाव डालकर हस्ताक्षर करने के लिए एक धमकी के रूप में कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा समझौता कोई डील नहीं, बल्कि अमेरिकी ट्रंप प्रशासन द्वारा की गई लूट है।
जयराम रमेश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों पर अमेरिकी व्यापार समझौते का बहुत बुरा असर पड़ सकता है। कांग्रेस ने कहा कि इस डील में अमेरिका ने बहुत कम पक्के वादे किए हैं, जबकि भारत ने वार्षिक आयात से तीन गुना वादे किया है। रमेश ने इस ओर भी इशारा किया है कि जापान और ईयू के साथ व्यापार समझौते के बाद भी ट्रंप ने उन पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी। क्या गारंटी है कि ट्रेड डील के बाद अमेरिका नहीं भारत पर टैरिफ नहीं बढ़ाएगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत को ऐसे किसी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने या गुमराह होने की जरूरत नहीं है। जो भारतीय हितों के खिलाफ हों। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को मलेशिया से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिसने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद अमेरिका के साथ अपनी डील को ठुकरा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने दोस्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करना बंद कर देना चाहिए।
इंडिया यूएस ट्रेड डील को लेकर बीते दिनों भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि ग्रीर के दौरे का मकसद अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ग्रीर 22 जून की शाम को भारत आ रहे हैं। 23-24 जून को वह हमारे वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत करेंगे। हमें उम्मीद है कि बातचीत का केंद्र ढांचागत समझौते को अंतिम रूप देने और उस बड़े BTA (द्विपक्षीय व्यापार समझौते) पर होगा, जिस पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा चल रही है।
Updated on:
23 Jun 2026 12:32 pm
Published on:
23 Jun 2026 11:21 am
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