
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी (ANI Photo)
Bidadi Township Project: कर्नाटक के बेंगलुरु में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों के जमीन देने के मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी (H. D. Kumaraswamy) ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसानों को धमकाना बंद किया जाए और जमीन तभी ली जाए जब वे अपनी सहमति दें। कुमारस्वामी ने 27 जून को बायरामंगला में मुख्यमंत्री का इंतजार करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मौके पर आकर किसानों से बातचीत करना चाहते हैं तो में चर्चा के लिए तैयार हूं।
कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बातचीत के लिए विधान सौधा बुलाया था, लेकिन उन्होंने किसानों के बीच जाकर चर्चा करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री के साथ पत्रों का कोई विवाद नहीं है। उन्होंने मुझे विधान सौधा आने के लिए पत्र लिखा था। मैंने जवाब दिया कि विधान सौधा के बजाय, परेशान किसानों की मौजूदगी में बायरामंगला में बातचीत करना ज्यादा सही रहेगा। मैंने कहा था कि मैं शनिवार, 27 जून को बिदादी के बायरामंगला में चर्चा के लिए आऊंगा। मैं बायरामंगला जाऊंगा और मुख्यमंत्री का इंतजार करूंगा।
कुमारस्वामी ने कहा कि अगर किसान अपनी इच्छा से जमीन देने के लिए तैयार हैं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन किसानों पर दबाव बनाकर या धमकाकर जमीन लेना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, इसमें मेरा कोई निजी हित नहीं है। अगर किसान जमीन देने को तैयार हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन किसानों को धमकाना और मजबूर करना सही नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह बायरामंगला जाकर किसानों के आंदोलन का समर्थन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि किसान कानून के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं और वह भी नियमों के अनुसार ही उनके साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा, हम वहां कोई गड़बड़ करने नहीं जा रहे हैं। हम सिर्फ किसानों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि सरकार बायरामंगला में धारा 144 लगाने की तैयारी कर रही है, जबकि किसानों की मांगों को सुनने की जरूरत है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कुछ किसान जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अपनी जमीन देने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसानों को प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी है, फिर भी सरकार सभी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, हो सकता है कि कुछ किसान ज़मीन देने के लिए सहमत हो गए हों, लेकिन बड़ी संख्या में किसान कह रहे हैं कि वे ज़मीन नहीं देंगे। उन्हें पूरी जानकारी है, फिर भी सरकार सभी पर सख्ती करने की कोशिश कर रही है। यह सही तरीका नहीं है।
Updated on:
26 Jun 2026 05:28 pm
Published on:
26 Jun 2026 05:28 pm
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