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‘धर्म के रक्षक पूरी तरह बेनकाब’, राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय के इस्तीफे के बाद केसी वेणुगोपाल का BJP-RSS पर हमला

KC Venugopal Attack BJP RSS: अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर में कथित दान घोटाले को लेकर कांग्रेस ने BJP और RSS पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की है।
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भारत

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Devika Chatraj

Jun 26, 2026

KC Venugopal

के. सी. वेणुगोपाल का BJP-RSS पर तीखा प्रहार (ANI)

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित दान घोटाले को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल (K. C. Venugopal) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

BJP और RSS पर वेणुगोपाल का प्रहार

कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित तौर पर गड़बड़ी और लूट हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े खुलासों ने भाजपा-आरएसएस के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि जो लोग खुद को हिंदू हितों का रक्षक बताते हैं, वही अब इस पूरे विवाद के बाद सवालों के घेरे में हैं।

सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच की मांग

कांग्रेस सांसद ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि केवल एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच ही कथित घोटाले की पूरी परतें खोल सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि FIR में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के नाम शामिल हैं, जबकि जिम्मेदार उच्च स्तर के ट्रस्टी इससे बाहर रखे गए हैं।

FCRA और ट्रस्ट प्रबंधन पर भी सवाल

वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ पंजीकृत ट्रस्टों पर विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) के तहत सख्त नियम लागू होते हैं, वहीं कुछ संगठनों को छूट मिलने का मुद्दा भी उठता है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा

इसी बीच, चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम कथित दान घोटाले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच सामने आया।

FIR और SIT जांच की शुरुआत

उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि मंदिर में आए दान में लगभग 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये तक की हेराफेरी की गई। FIR में कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं और मामले की जांच के लिए पहले ही तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है।