
बेंगलूरु. उडुपी जिले के कुंदापुर तालुक के अमासेबैयलु ग्राम के सभी घरों के सौर ऊर्जा कनेक्शन से लैस होने के साथ ही इस ग्राम पंचायत को राज्य की पहली सौर ऊर्जा युक्त ग्राम पंचायत का विशिष्ट दर्जा मिल गया है।
यह सौर ग्राम परियोजना अमासेबैयलु चेरिटेबल ट्रस्ट, धर्मस्थला ग्रामीण विकास परियोजना तथा कर्नाटक बैंक लिमिटेड की एक संयुक्त पहल है।
धर्मस्थला मंजुनाथेश्वर मंदिर के धर्माधिकारी वीरेन्द्र हेग्गड़े ने मंगलवार को सौर ग्राम परियोजना का उद्घाटन करने के पश्चात कहा कि उपलब्ध सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से ऊर्जा संकट हल होगा और इससे देश के आर्थिक विकास में तेजी आएगी।
सौर ऊर्जा का अधिकतम दोहन किए जाने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने आशा जताई कि गांव के लोग इस ऊर्जा स्रोत का सर्वोत्तम उपयोग करेंगे।
अमासेबैयलु चेरिटेबल ट्रस्ट के एजी कोडग़ी ने कहा कि अमासेबैयलु ग्राम में 1800 मकान हैं। सभी घरों को सौर लेम्पों से प्रकाशित करने पर कुल 2.13 करोड़ रुपए की लागत आई है।
मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ. एच. हरीश हांडे ने कहा कि भारत के 25 फीसदी से अधिक लोगों को आज भी बिजली सुलभ नहीं है। अमासेबैयलु सौर ऊर्जा परियोजना के बारे में देश भर में जागरूकता उत्पन्न की जानी चाहिए।