
बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने फ्लेक्स और होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बाद पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे पॉलिथीन के खिलाफ कार्रवाई कर 19 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 15 दुकानों का व्यापारिक लाइसेंस रद्द
किया है। पॉलीथिन के कैरी बैग समेत प्रतिबंधित पॉलीथिन के विभिन्न उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करने के आदेश हैं। इसके बावजूद कुछ दुकानदार ग्राहकों को पॉलीथिन के बैग में सामान देते हैं। बीबीएमपी के अधिकारियों ने गत एक सप्ताह से पॉलीथिन बेचने वाले दुकानों पर छापामार कार्रवाई कर नौ टन पॉलीथिन जब्त किया है।
सरकार ने गत 11 मार्च 2016 को पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया था। शहर में हर दिन चार हजार टन कचरा उत्पन्न होता है। उसमें तीन सौ से चार सौ टन पॉलिथीन आधारित है। प्रतिबंध लगे दो साल का समय बीतने के बावजूद इसका इस्तेमाल जारी है। पालिका की मासिक बैठक में सभी पार्षदों ने पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कड़े कदम उठाने का सर्व सम्मति से फैसला लिया गया। पालिका अधिकारियों ने पश्चिम क्षेत्र से 648 किलो पॉलीथिन जब्त कर 1.53 लाख रुपए का जुर्माना संग्रहित किया।
दूसरे राज्यों से आने लगा पॉलिथीन
कार्रवाई के बावजूद पॉलिथीन बैगों का अधिक इस्तेमाल होने लगा है। तमिलनाडु, होसूर, हैदराबाद और अन्य शहरों से पॉलिथीन बैग, प्लेट, गिलास, समेत कई चीजों की आपूर्ति होती है। अधिकारियों ने परचून की दुकानों, बेकरी, राशन दुकानों, फूल-सब्जी की दुकानों आदि पर छापे मार कर पॉलिथीन जब्त किया है। चिकपेट, के.आर. मार्केट, एवेन्यू रोड के कई दुकानों में पॉलिथीन की बिक्री हो रही है।
25 से हजार से 5 लाख रुपए तक जुर्माना
पालिका के संयुक्त आयुक्त (कचरा निस्तारण) सरफराज खान ने कहा कि वाणिज्य दुकानों में पहली बार पॉलिथीन का पता लगा तो 25 हजार, दूसरी बार 50 हजार, छोटे दुकानदारों को पहली बार 500 रुपए, दूसरी बार 1000 रुपए, थोक व्यापारियों को पहली बार 50 हजार और दूसरी बार एक लाख रुपए उत्पादकों को पहली बार दो लाख रुपए और दूसरी बार पांच लाख रुपए जुर्माना लगाया जाता है। हर दिन सभी क्षेत्रों मे छापे किए जा रहे हैं।