
बीजेपी विधायक भरत शेट्टी और कांग्रेस के नेता मंत्री के.एम. शिवलिंगे गौड़ा (फोटो- ANI)
KM Shivalinge Gowda: कर्नाटक के मंत्री के.एम. शिवलिंगे गौड़ा के सरकारी अधिकारियों को काम जल्दी करने पर 'टिप' या 'सम्मान राशि' देने वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान पर बीजेपी ने सवाल उठाया हैं। बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने कहा कि कर्नाटक में भ्रष्टाचार बड़े स्तर पर है और अब एक कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री खुद कह रहे हैं कि अधिकारियों को रिश्वत देना ठीक है।
हासन जिले के प्रभारी मंत्री के. एम. शिवलिंगे गौड़ा ने शनिवार को एक टिप्पणी की थी। जन शिकायतों के निपटारे के लिए आयोजित कार्यक्रम 'प्रजासेवा आंदोलन' में एक किसान पुनीत ने मंत्री से शिकायत की थी। उसने कहा कि सरकारी अधिकारी काम करने के लिए पैसे (रिश्वत) मांगते हैं। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि जो भी देना चाहो, आदरपूर्वक दे सकते हो। यह तुम्हारा धर्म है, लेकिन कोई जबरदस्ती पैसे न ले। मंत्री के इस बयान के बाद वहां किसान और अन्य युवाओं ने मंत्री से पूछा कि अधिकारियों को वेतन मिलता है, फिर जनता उन्हें टिप क्यों दे? क्या यह रिश्वत को बढ़ावा देने जैसा नहीं है? इसके बाद बैठक में हंगामा होने लगा।
मामला बढ़ता देखकर शिवलिंगे गौड़ा ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया और उनकी वीडियों की क्लिप को एडिट करके उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई है।
उन्होंने इसे बीजेपी की पुरानी घटिया चाल बताया। अपने बयान की सफाई में उन्होंने कहा कि जनता से कहा था कि काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाना चाहिए न कि सम्मान राशि देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि वह रिश्वत देने को बढ़ावा देने की बात नहीं कर रहे थे।
हासन की डिप्टी कमिश्नर केएस लता कुमारी ने कार्यक्रम में हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। उन्होंने कहा कि मंत्री के बयान को गलत समझा गया है। अगर कोई सरकारी अधिकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
22 Sept 2026 05:45 pm
Published on:
22 Sept 2026 05:11 pm
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