सिविल सेवाएं संविधान में निहित बहुलतावाद के मूल्यों को लागू करने और समतामूलक समाज के निर्माण का सशक्त माध्यम हैं।
डॉ. मनमोहन सिंह बेंगलूरु सिटी विश्वविद्यालय Dr. Manmohan Singh Bengaluru City University (बीसीयू) ने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क सिविल सेवा परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र ‘मार्ग’ की शुरुआत की है।
कन्नड़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रो. पुरुषोत्तम बीलिमाले ने सेंट्रल कॉलेज परिसर स्थित ज्ञानज्योति सभागार में गुरुवार को इस नए केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में, जब पारंपरिक पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियां विद्यार्थियों के करियर निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं रह गई हैं, तब कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय कदम है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों के अवसरों में कमी और निजी क्षेत्र में आरक्षण के अभाव के कारण सामाजिक न्याय एक चुनौती बनता जा रहा है।कर्नाटक में प्रति जिले एक विश्वविद्यालय की नीति के चलते सार्वजनिक विश्वविद्यालय वित्तीय संकट और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति में देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
वर्तमान परिस्थितियों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल एक व्यवहारिक विकल्प है।सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी डॉ. सी. एस. केदार और कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त के. ए. दयानंद ने अपने जीवन अनुभव साझा किए और विश्वविद्यालय की इस विशेष पहल के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. रमेश बी. ने कहा कि सिविल सेवाएं संविधान में निहित बहुलतावाद के मूल्यों को लागू करने और समतामूलक समाज के निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। कुलसचिव ए. नवीन जोसेफ ने स्वागत भाषण दिया। परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र की निदेशक प्रो. मेधा इटागी हुयिलगोल ने प्रस्तावना प्रस्तुत की।
इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम. वी. विजयलक्ष्मी और सिंडिकेट सदस्य आयशा फरजाना उपस्थित थीं। कार्यक्रम का संचालन वाणी श्री ने किया।