सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार द्वारा सरकारी ठेकों में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को गंभीरता से लेते हुए भारतीय जनता पार्टी विधानसभा में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक पेश किए जाने पर कड़ा विरोध करेगी।
बेंगलूरु. सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार द्वारा सरकारी ठेकों में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को गंभीरता से लेते हुए भारतीय जनता पार्टी विधानसभा में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक पेश किए जाने पर कड़ा विरोध करेगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने सोमवार को सरकारी निविदाओं में 2बी श्रेणी के तहत मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने के कैबिनेट के निर्णय पर राज्य सरकार की आलोचना की और सवाल किया कि राज्य सरकार हिंदुओं में गरीबों की अनदेखी करते हुए सरकारी परियोजनाओं में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण क्यों दे रही है?
विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले विभाजनकारी एजेंडे का कड़ा विरोध करती है। यह स्पष्ट करते हुए कि उनकी पार्टी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, विजयेंद्र ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस पार्टी की वोट बैंक की राजनीति और उसकी तुष्टिकरण की राजनीति का विरोध करती है और उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया था।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं जैसे नजमा हेपतुल्ला, न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर और मोहम्मद आरिफ खान का भी उल्लेख किया, जो देश में भाजपा शासन के दौरान विभिन्न राज्यों के राज्यपाल रहे। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा ने ही उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था।