येडियूरप्पा ने गुरुवार को भाजपा की विशेष राज्य कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा, अगर अभी चुनाव होते हैं तो भाजपा 224 सदस्यीय विधानसभा में 140 से 150 सीटें जीतकर वापसी करेगी। कांग्रेस को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त होकर अपनी लोकप्रियता खो दी है।
बेंगलूरु. राज्य में सत्ता गंवाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। वे येन केन प्रकारेण सत्ता पर दोबारा काबिज होने की जुगत लगा रहे हैं। इसी तारतम्य में पूर्व सीएम बीएस येडियूरप्पा ने एक बेहद हास्यास्पद तर्क देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को नए सिरे से जनादेश मांगने की चुनौती दी।
कांग्रेस मई 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई थी। लेकिन, अब भाजपा नेताओं का दावा है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने एक साल में ही अपनी लोकप्रियता खो दी है। इसलिए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या विधानसभा भंग कर नए सिरे से जनादेश मांगे।
येडियूरप्पा ने गुरुवार को भाजपा की विशेष राज्य कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा, मैं आपको बता सकता हूं कि अगर अभी चुनाव होते हैं तो भाजपा 224 सदस्यीय विधानसभा में 140 से 150 सीटें जीतकर वापसी करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया, कांग्रेस को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि उसने कर्नाटक के हितों की रक्षा करने के कर्तव्य की अनदेखी की है। भ्रष्टाचार में लिप्त होकर अपनी लोकप्रियता खो दी है।
हालांकि राज्य विधानसभा में कांग्रेस के 136 सदस्य हैं, लेकिन भाजपा हाल के लोकसभा चुनावों के दौरान 142 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल करने में सफल रही थी। उन्होंने दावा किया, हमारी अपनी गलतियों के कारण हमें कुछ लोकसभा सीटों पर झटका लगा है। लेकिन लोगों ने स्पष्ट रूप से कांग्रेस के कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान किया है।
महर्षि वाल्मीकि एसटी विकास निगम और एमयूडीए में कथित वित्तीय धोखाधड़ी का जिक्र करते हुए उन्होंने पार्टी के सहयोगियों से आगामी विधानसभा सत्र के भीतर और बाहर मुख्यमंत्री पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी नेता इस अभियान के तहत राज्य का दौरा करें।
बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, कर्नाटक के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, विपक्ष के नेता आर. अशोक, केंद्रीय मंत्री वी. सोमण्णा और शोभा करंदलाजे, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर और बसवराज बोम्मई ने हिस्सा लिया।