
एफडीआइ से चौपट हो जाएगा व्यापार
व्यापारियों का आरएमसी यार्ड में धरना, दो घंटे ठप रहा कारोबार
प्रदेश की पांच मंडियों में हुआ कारोबार प्रभावित
बेंगलूरु. केंद्र सरकार की व्यापार विरोधी नीतियों को लेकर कॉन्फेडरेश ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के देशव्यापी कारोबार बंद के आह्वान पर शुक्रवार को राज्य की पांच मंडियों में दो घंटे कारोबार ठप रहा। व्यापारी खुदरा व्यापार में भी वॉलमार्ट और ऑनलाइन व्यापार को अनुमति दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। बेंगलूरु में सुबह 10 से 12 बजे तक मंडी में कारोबार नहीं हुआ और व्यापारियों ने यशवंतपुर स्थित आरएमसी यार्ड के गेट नम्बर दो पर धरना दिया और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने में बेंगलूरु थोक अनाज व दाल विक्रेता संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र लाहोटी ने कहा कि केंद्र सरकार की खुदरा व्यापार में एफडीआइ, वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट की साझेदारी की नीति विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेंगलोर के 2500 व्यापारी, किसान के अलावा खुदरा व्यापार करने वालों ने दो घंटे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। उन्होंने कहा कि एफडीआइ जो खुदरा व्यापार के क्षेत्र में दस्तक दे रहा है। उसका देश के व्यापारी भरपूर विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वॉलमार्ट बड़े खुदरा व्यापारी हैं और वे ई कॉमर्स फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर बाजारों को तबाह करने के लिए आए हैं। देश भर में आज 12 करोड़ व्यापारी अपना कारोबार बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार एफडीआइ नीति का पुनरावलोकन करे। छोटे व्यापारियों के संरक्षण के लिए एक अलग मंत्रालय की व्यवस्था केन्द्र स्तर पर की जाए।
लाहोटी ने कहा कि कर्नाटक में 144 मंडियां हैं उनमें हजारों लोग रोजगार प्राप्त करते हैं। केन्द्र सरकार व्यापार को छीनने की कोशिश कर रही है। अकेले बेंगलोर में 35 हजार परिवार मंडी से चल रहे हैं। कलबुर्गी, रायचूर, बीदर, मैसूरु व बेंगलूरु मंडी में हड़ताल रही। डी.ए प्रसन्नकुमार, स्वदेशी जागरण मंच के के. एन. छायापति सहित हम्माल संघ के अध्यक्षों ने भी विचार व्यक्त किए।