बैंगलोर

क्या राज्य लगा सकते हैं सोशल मीडिया बैन? केंद्र करेगा कानूनी समीक्षा

– सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का नियमन केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में कर्नाटक सरकार Karnataka Government की ओर से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक Social Media Ban लगाने के प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार ने कहा है कि पहले इसकी वैधानिक समीक्षा की जाएगी। केंद्र […]

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Mar 09, 2026
Photo- AI Generated

- सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का नियमन केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में

कर्नाटक सरकार Karnataka Government की ओर से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक Social Media Ban लगाने के प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार ने कहा है कि पहले इसकी वैधानिक समीक्षा की जाएगी। केंद्र यह जांच करेगा कि इस तरह का प्रतिबंध लगाना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं।

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‘गेम्स ऑफ चांस’ पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी में कर्नाटक सरकार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े मामले मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए यह देखना जरूरी है कि मौजूदा कानून इस बारे में क्या कहते हैं और क्या राज्य सरकारें ऐसे प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकृत हैं।

सरकार पहले कानून की प्रकृति की जांच करेगी

मुंबई में आयोजित 85वें इंटरनेट कॉर्पोरेशन ऑफ असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (आइसीएएनएन) सम्मेलन में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग जैसे विषय राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से जुड़े हैं और इन्हें अलग से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले कानून की प्रकृति की जांच करेगी और उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि राज्य सरकारें ऐसे प्रतिबंध लगा सकती हैं या नहीं।

कृष्णन ने कहा, सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग जैसे मामले राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र में आते हैं। हमें यह देखना होगा कि मौजूदा कानून क्या कहते हैं और क्या यह संबंधित राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। कानूनी अधिकार क्षेत्र वास्तव में कैसे काम करता है, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।

दरअसल, कर्नाटक सरकार ने अपने बजट 2026-27 में 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की योजना का उल्लेख किया है। इसी तरह आंध्र प्रदेश सरकार ने भी 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की घोषणा की है।

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के लिए अनुपालन अवधि को 18 महीने से घटाकर 12 महीने करने के सवाल पर कृष्णन ने कहा कि इस संबंध में उद्योग जगत के साथ परामर्श जारी है और सुझाव मिलने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

देश में तेजी से बढ़ा है इंटरनेट का उपयोग

इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में इंटरनेट उपयोग तेजी से बढ़ा है और देश में एक अरब से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। ऐसे में इंटरनेट अब देश के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का हिस्सा बन चुका है।

उन्होंने इंटरनेट पर बढ़ते दुर्भावनापूर्ण ट्रैफिक को भी चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार कई लोग डोमेन नेम में बदलाव या भारत की बौद्धिक संपदा से जुड़े नामों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने की कोशिश करते हैं। इन मुद्दों को भी सम्मेलन में उठाया गया है और समाधान पर विचार किया जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के तर्ज पर पाबंदी पर विचार

राज्य सरकार ने यह पहल उन वैश्विक चर्चाओं के बीच की है, जिनमें कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया Internet and Social Media तक पहुंच सीमित करने की बात उठ रही है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया Australia सहित कई देशों में भी इस तरह के कदमों की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने पिछले महीने बेंगलूरु Bengaluru में आयोजित कुलपतियों की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा की थी। उस दौरान उन्होंने मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेम और सोशल मीडिया के बच्चों की पढ़ाई तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी। राज्यसभा में बजट सत्र के दौरान शून्यकाल के भाजपा के लहर सिंह सिरोया ने भी इस मुद्दे को उठाया था। सरकार ने बच्चों को पुस्तकों की ओर आकर्षित करने और पढ़ने की आदत बढ़ाने के लिए हाल ही में मोबाइल छोड़ो, किताब पकड़ो अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत विद्यार्थियों को पुस्तकालय जाने और पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Published on:
09 Mar 2026 08:16 pm
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