कर्नाटक सरकार: मंत्रियों को विभागों का बंटवारा
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने अपने मंत्रिमंडल के पहले विस्तार के तीन दिन बाद शुक्रवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। कुमारस्वामी ने अपने पास वित्त विभाग सहित कुल 10 विभाग रखे हैं। कुमारस्वामी ने ऊर्जा विभाग भी अपने पास रखा है। वित्त और ऊर्जा विभाग को लेकर गठबंधन के दोनों घटकों के बीच कई दिनों तक खींचतान चली थी।
ऊर्जा विभाग को लेकर जद-एस में भी काफी घमासान था। कुमारस्वामी के बड़े भाई एच डी रेवण्णा इसे अपने पास रखना चाहते थे। कुमारस्वामी ने अपने पास प्रशासनिक व कार्मिक सुधार, खुफिया, सूचना व जनसंपर्क, योजना व सांख्यिकी, लोक उपक्रम, ढांचागत विकास, कपड़ा उद्योग भी अपने पास रखा है। इसके अलावा जो विभाग मंत्रियों को आवंटित नहीं किया गया है उनका प्रभार कुमारस्वामी के पास रहेगा।
रेवण्णा के पास उनका पसंदीदा लोक निर्माण विभाग है। आर वी देशपांडे को राजस्व और कौशल विकास, बंडप्पा काशमपुर को सहकारिता, डी के शिवकुामर को लघु व मध्यम सिंचाई के अलावा चिकित्सा शिक्षा, जी टी देवेगौड़ा को उच्च शिक्षा, के जे जार्ज को लघु व मध्यम उद्योग के अलावा आईटी-बीटी, विज्ञान व तकनीक, डी सी तमण्णा को परिवहन, कृष्णा बैरेगौड़ा को ग्रामीण विकास व पंचायत राज, विधि व न्याय, संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
एम सी मनगोली को बागवानी, एन एच शिवशंकर रेड्डी को कृषि, एस आर श्रीनिवास वासु को लघु उद्योग, रमेश जारकीहोली को स्थानीय निकाय प्रशासन और बंदरगाह, वेंकटराव नाडगौड़ा को पशुपालन व मत्स्य, प्रियांक खरगे को समाज कल्याण, सी एस पुट्टराजू को लघु सिंचाई, यू टी खादर को शहरी निकाय और आवास, सा रा महेश को पर्यटन और रेशम, बी जेड जमीर अहमद खान को खाद्य व नागरिक आपूर्ति, अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ, एन महेश प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा, शिवानंद पाटिल को स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, वेंकट रमणप्पा को श्रम, सी पुट्टरंग शेट्टी को पिछड़ा वर्ग कल्याण, आर शंकर को वन, पारिस्थितिकी व पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एकमात्र महिला मंत्री जयमाला को महिला व बाल विकास के अलावा कन्नड़ व संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।