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सागर में बेसूरु परमाणु संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि पश्चिमी घाट जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में परमाणु संयंत्र स्थापित करना विनाशकारी साबित हो सकता है।

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कर्नाटक Karnataka के शिवमोग्गा जिले के सागर तालुक के बेसूरु क्षेत्र में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र nuclear power plant के विरोध में गुरुवार को किसानों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परियोजना को लेकर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

2000 एकड़ भूमि की आवश्यकता

जानकारी के अनुसार सरकारी स्वामित्व वाली नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) बेसूरु गांव में परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए करीब 2,000 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जबकि शिवमोग्गा जिला प्रशासन ने 3,190 एकड़ भूमि उपलब्ध होने की जानकारी दिए जाने का दावा किया है।

पारदर्शिता की मांग

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि पश्चिमी घाट जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में परमाणु संयंत्र स्थापित करना विनाशकारी साबित हो सकता है। लोगों ने पहले से चल रही शरावती पंप स्टोरेज परियोजना का भी विरोध किया और कहा कि मलनाड क्षेत्र की पर्यावरणीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। पूर्व उपमुख्यमंत्री के. एस. ईश्वरप्पा ने भी परियोजना का विरोध करते हुए सरकार से पारदर्शिता बरतने की मांग की। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता और किसान नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना कोई परियोजना लागू नहीं की जानी चाहिए।

हालांकि, शिवमोग्गा जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसूरु में परमाणु संयंत्र स्थापित करने का कोई औपचारिक प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया है। इसके बावजूद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी है।