उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा सर्व धर्म समभाव, वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: जैसे आदर्शों से प्रेरित रही है। संतों, ऋषियों और आध्यात्मिक नेताओं ने भारतीय संस्कृति को नैतिक और आध्यात्मिक दिशा देने के साथ विश्वभर में सद्भाव और अध्यात्म का संदेश पहुंचाया। भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का संदेश देते हुए जियो और जीने दो का सिद्धांत दिया। वहीं गौतम बुद्ध ने मध्यम मार्ग, अष्टांगिक मार्ग और चार आर्य सत्यों के माध्यम से मानवता को मुक्ति का मार्ग दिखाया।