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राज्यभर में होगा पेलिएटिव केयर केंद्रों का विस्तार : गुंडूराव

पैलिएटिव केयर केंद्रों का उद्देश्य बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि उन मरीजों को राहत देना है, जिनपर उपचार का कोई असर नहीं होता है। अंतिम अवस्था में होने के कारण मरीज असहनीय दर्द व मानसिक तनाव से गुजर रहे होते हैं। यह सुविधा ऐसे मरीजों और उनकी देखभाल कर रहे परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव के. सी. जनरल अस्पताल में पैलिएटिव केयर या उपशामक देखभाल यूनिट का उद्घाटन करते हुए।

-के. सी. जनरल अस्पताल से शुरूआत

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव Dinesh Gundu Rao ने मंगलवार को मल्लेश्वरम स्थित के. सी. जनरल अस्पताल में से पैलिएटिव केयर Palliative Care या उपशामक देखभाल यूनिट का उद्घाटन किया। शरनम् इंडिया के सहयोग से शुरू इस यूनिट में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), डे-केयर सेवाएं (दर्द प्रबंधन और काउंसलिंग), सुसज्जित इन-पेशेंट वार्ड तथा अस्पताल से 5-8 किलोमीटर के दायरे में घर-घर जाकर देखभाल करने वाली मोबाइल सेवा भी उपलब्ध होगी।

मंत्री ने कहा कि पैलिएटिव केयर केंद्रों का उद्देश्य बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि उन मरीजों को राहत देना है, जिनपर उपचार का कोई असर नहीं होता है। अंतिम अवस्था में होने के कारण मरीज असहनीय दर्द व मानसिक तनाव से गुजर रहे होते हैं। यह सुविधा ऐसे मरीजों और उनकी देखभाल कर रहे परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

पांच बेड वाला विशेष वार्ड तैयार

अस्पताल में प्रारंभिक रूप से पांच बेड वाला विशेष वार्ड तैयार किया गया है। यह यूनिट कैंसर, गुर्दा विफलता और अन्य गंभीर बीमारियों के अंतिम चरण में पहुंचे मरीजों की देखभाल के लिए समर्पित है। यहां तीव्र दर्द, सांस लेने में तकलीफ, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और मानसिक तनाव से जूझ रहे मरीजों को राहत प्रदान की जाएगी।

मरीजों के परिजनों को भी प्रशिक्षण

मंत्री ने बताया कि जब बीमारी को पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं होता, तब मरीज के शारीरिक दर्द और मानसिक पीड़ा को कम करना ही पैलिएटिव केयर का मुख्य उद्देश्य होता है। साथ ही मरीजों के परिजनों को भी उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा।सरकार की योजना है कि ऐसे पैलिएटिव केयर केंद्रों का विस्तार पूरे राज्य में किया जाए। बेंगलूरु में पहले ही चार-पांच स्थानों पर ऐसी सुविधाएं शुरू की जा चुकी हैं।