बैंगलोर

गठबंधन सरकार स्थिर, अपनी फिक्र करे भाजपा: सिद्धरामय्या

पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी सरकार, स्थिर और सही दिशा में अग्रसर, मतभेद की बातें निराधार, सितम्बर के तीसरे सप्ताह में कैबिनेट विस्तार
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Updated: 1 Sep 2018, 12:23 AM IST
Karnataka, Coalition government
गठबंधन सरकार स्थिर, अपनी फिक्र करे भाजपा: सिद्धरामय्या

बेंगलूरु. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमय्या ने उन तमाम अटकलों को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा है कि गठबंधन सरकार जल्द गिर जाएगी। यहां शुक्रवार को समन्वय समिति की तीसरी बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार पूरे पांच साल चलेगी। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच मतभेद की जो बातें कही जा रही हैं वो निराधार हैं, इन दावों का कहीं कोई प्रमाण नहीं है।

समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्धरामय्या ने कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद सरकार गिरने की बातें खूब कही जा रही हैं। लेकिन, इसमें कोई संदेह नहीं कि यह सरकार पांच साल पूरे करेगी। यह स्थिर सरकार है और इसके गठन के समय जो न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय हुए थे उसे पूरा करेगी। दोनों दल एकजुट हैं और भाजपा को कांग्रेस-जदएस के बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। भाजपा को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि उसने देश की जनता के साथ क्या वादे किए। यहीं नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सोचना चाहिए कि वर्ष 2014 से पहले जो चुनावी वादे उन्होंने किए थे वे पूरे हुए या नहीं।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री के उस बयान के कारण सरकार की स्थिरता को लेकर सवाल उठाए जाने लगे जिसमें उन्होंने कहा था कि वो ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। सिद्धरामय्या ने कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया। वास्तव में उन्होंने कहा यह था कि अगर पांच साल बाद राज्य की जनता कांग्रेस को अपना आशीर्वाद देती है तो वो फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।

उन्होंने कहा कि बैठक में सबसे विवादास्पद कैबिनेट विस्तार के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट विस्तार सितम्बर महीने के तीसरे सप्ताह में होगा। तब तक राज्य सरकार बोर्ड और निगमों के खाली पदों पर नियुक्तियां करेगी। कई विधायक ऐसे हैं जो मंत्री बनना चाहते हैं लेकिन सभी को समयोजित करना संभव नहीं है। इसलिए उनमें से कुछ विधायकों की नियुक्ति बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष पद पर हो सकती है। इसमें दोनों ही पार्टियों के कुछ नेता जो विधायक नहीं हैं उन्हें भी बोर्ड-निगम के अध्यक्ष पद दिए जा सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या गठबंधन सरकार के कामकाज से खुश हैं जो अभी-अभी 100 दिन पूरे की है, सिद्धरामय्या ने कहा कि सरकार सही दिशा में जा रही है और लोगों की अपेक्षाओं को पूरा भी कर रही है। किसानों के 40 हजार करोड़ से ऊपर के ऋण माफ करने का फैसला कांग्रेस और जदएस ने संयुक्त रूप से किया है। यह मुख्यमंत्री कुमारस्वामी द्वारा किया गया एक अच्छा निर्णय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने जो कार्यक्रम शुरू किए वे सभी कार्यक्रम जारी रहेंगे।

सिद्धरामय्या ने कहा कि राज्य में 105 स्थानीय नगर निकायों के चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस और जदएस ने अलग-अलग एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा। लेकिन, अगर किसी एक पार्टी के पक्ष में जनादेश नहीं आता है तो वे गठबंधन कर सत्ता में साझेदारी करेंगे। अगर कहीं कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिलता है वह शासन करेगी और अगर जदएस को स्पष्ट बहुमत मिलता हो उसका शासन होगा। अगर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है तो दोनों साझेदारी कर शासन की बागडोर संभालेंगे।

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