देवेगौड़ा ने सिद्धरामय्या के भाजपा और जनता दल(ध) के बीच विधानसभा चुनाव में रणनीतिक समझौता होने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही
बेंगलूरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर जनता दल(ध) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने आरोप लगाया कि जब सिद्धरामय्या उनकी पार्टी में थे तब वे भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बनना चाहते थे लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था। देवेगौड़ा ने कहा कि वर्ष २००४ में सिद्धरामय्या भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाकर उसमें मुख्यमंत्री बनना चाहते थे लेकिन हमने मना कर दिया। आज वहीं सिद्धरामय्या इस बात का दु्रष्प्रचार कर रहे हैं कि मैं भाजपा का समर्थन कर सकता हूं। देवेगौड़ा ने सिद्धरामय्या के भाजपा और जनता दल(ध) के बीच विधानसभा चुनाव में रणनीतिक समझौता होने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही।
मोदी से मुलाकात : नहीं हुई राजनीतिक चर्चा
देवेगौड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक बार मोदी ने कहा था कि तीसरा मोर्चा तीसरे दर्जे की सरकार बनाती है तब मैंने कहा था कि लगता है मोदी अभी गुजरात से बाहर नहीं आए हैं। तीसरा मोर्चा केंद्र में सरकार बना चुका है और उस दौरान मैं प्रधानमंत्री भी रहा था। उन्हें मेरा काम देखना चाहिए। देवेगौड़ा ने कहा कि एक बार उन्होंने कहा था कि अगर मोदी अकेले बहुमत के साथ सरकार बनाते हैं तो वे संसद से इस्तीफा दे दे देंगे लेकिन मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर देश छोडऩे की बात कभी नहीं कही थी। देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने २०१४ में लोकसभा से इस्तीफा भी दे दिया था लेकिन मोदी ने उन्हें समझाया को देश को उनकी वरिष्ठता की जरुरत है। चुनाव के समय हम कई तरह की बातें कह देते हैं, उन्हें दिल में रखने की जरुरत नहीं है। इसके बाद मैंने इस्तीफा देने का इरादा त्याग दिया था। तब मोदी से करीब १५ मिनट बात हुई थी। इसके बाद कावेरी, महादयी जल विवादों व किसानों की समस्याओं को लेकर उनसे चार से पांच बार भेंट हुई थी लेकिन राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।