बैंगलोर

समर्पण के बाद शंका नहीं रखें

एक बार जिसे चुन लिया, जिसको समर्पण कर दिया फिर मरने वाले में कितनी भी कमी हो उसे स्वीकार करो।
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समर्पण के बाद शंका नहीं रखें

मैसूरु. सिटी स्थानक में डॉ. समकित मुनि ने प्रवचन देते हुए कहा कि श्रद्धा के साथ पहुंचा हुआ भी भटक सकता है और शंका के साथ पहुंचने वाला समर्पण कर सकता है।

एक बार समर्पण करने के बाद मन में शंका नहीं रखें। एक बार जिसे चुन लिया, जिसको समर्पण कर दिया फिर मरने वाले में कितनी भी कमी हो उसे स्वीकार करो।

यदि समर्पण करने के बाद मन में शंका आती है तो जीवन की गाड़ी पटरी से उतर जाती है। किसी को चुन लेने के बाद उसमें कमी आने पर भी यदि स्वीकार नहीं करते तो घर में परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

उन्होंने कहा कि समर्पण करने से पूर्व कितनी भी जांच-पड़ताल कर लो, लेकिन समर्पण करने के बाद जो हो उसे स्वीकार करो।

जो काम हम शुरू करते हैं वह शुरू होते ही पूर्ण हो जाता है। व्यक्ति कार्य करने की मन में ठान लेता है तो कार्य पूर्ण होता ही है। संचालन सुशील कुमार नंदावत ने किया।

Updated on:
08 Nov 2018 05:08 pm
Published on:
08 Nov 2018 05:08 pm
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