मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में जंगली हाथी के हमले में होने वाली मौत के लिए मुआवजे की राशि को दोगुना करने का फैसला किया गया है। अभी तक ऐसे मामलों में 7.5 लाख रुपए का मुआवजा मिलता था, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपए किया जाएगा।
बैठक में आबकारी और हासन जिले के प्रभारी मंत्री के. गोपालैया और वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में हाथियों के हमले में स्थायी अपंगता के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने का फैसला किया गया है। बैठक में स्थायी अपंगता के मामलों में वर्तमान 5 लाख रुपए की मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपए का मुआवजा देने निर्णय लिया गया। इसी तरह, आंशिक विकलांगता के लिए 2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक व चोटों के लिए 30000 रुपए से 60000 रुपए तक मुआवजा दिया जाएगा।
हाथियों के हमले से संपत्ति के नुकसान का मुआवजा भी बढ़ाने का फैसला किया गया है। ऐसे मामलों में मुआवजा राशि 10000 रुपए से बढ़ाकर 20000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। स्थायी रूप से विकलांग व्यक्ति को 2000 रुपये से 4000 रुपये तक मासिक पेंशन भी दी जाएगी। फसल क्षति के लिए भुगतान राशि भी दोगुनी कर दी गई है।
हाथियों को लगाएंगे रेडियो कॉलर
सकलेशपुर-बेलूर क्षेत्र में कहर बरपा रहे 8 हाथियों को पकड़ने और पकड़े गए हाथियों पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलर लगाने की अनुमति दी गई। 23 जंगली हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पहले से ही रेडियो कॉलर लगाए गए हैं।