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NEET UG 2026 Paper Leak पर प्रियांक खरगे का बड़ा हमला, बोले- BJP-RSS ने बर्बाद किया छात्रों का भविष्य; धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा

NEET Exam Controversy: कर्नाटक मंत्री Priyank Kharge ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बीजेपी और RSS पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हुआ है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को इस्तीफा देना चाहिए।

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Neet UG Paper Leak: Priyank Kharge targeted the government

प्रियांक खरगे ने नीट यूजी पेपर लीक होने पर सरकार पर साधा निशाना (Photo-IANS)

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 का पेपर लीक होने के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा है। इसी बीच कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने पेपर लीक होने के बाद बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों संगठनों ने मिलकर छात्रों का भविष्य सिस्टमेटिक तरीके से बर्बाद किया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रियांक खरगे ने आगे कहा कि यह कोई सामान्य गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक बड़ी त्रासदी है। पेपर रद्द होने से करीब 22 लाख छात्र प्रभावित हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बीजेपी और RSS से जुड़े लोगों की भूमिका है और अब तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली।

बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं- खरगे

मंत्री खरगे ने कहा कि बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं, कई छात्र दो-तीन साल की तैयारी के बाद अब दोबारा परीक्षा देने का मन नहीं बना पा रहे हैं। छात्रों के भविष्य को पैसों के लिए बेचा जा रहा है। अगर बीजेपी में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाया जाना चाहिए या उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए।

पीएम मोदी पर भी साधा निशाना

इस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पीएम हमेशा परीक्षा पे चर्चा की बात करते हैं, उन्हें अब NEET विवाद पर भी छात्रों से बात करनी चाहिए।

CBI ने कोर्ट में पेश किया आरोपी

बता दें कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने रविवार को आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और आगे की जांच के लिए 14 दिन की कस्टडी मांगी।

CBI के मुताबिक, मंधारे NTA की पैनल सदस्य थीं और परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट व ट्रांसलेटर की भूमिका निभा रही थीं। एजेंसी ने अदालत को बताया कि NTA की पूरी परीक्षा प्रक्रिया जांच के दायरे में है। साथ ही छात्रों से पैसे लेने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

हालांकि, बचाव पक्ष ने CBI की रिमांड मांग का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के घर से कोई बरामदगी नहीं हुई है और वह पहले भी जांच में सहयोग कर चुकी हैं।