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केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे की मुश्किलें बढ़ी, POCSO मामले में 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे साईं भगीरथ की मुश्किलें बढ़ गई है। उन्हें POCSO मामले में 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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Bandi Sanjay Kumar Son POCSO Case Update

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार और उनके बेटे बंदी साई भागीरथ (इमेज सोर्स: ANI)

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भगीरथ को POCSO एक्ट के तहत 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साइबराबाद पुलिस ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भगीरथ (उर्फ भगीरथ) को बच्चों से यौन अपराधों की रोकथाम (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है।

8 मई 2026 को शिकायत दर्ज

मामला 8 मई 2026 को पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने धाराओं में बदलाव करते हुए BNS की धारा 64(2)(m) और POCSO एक्ट 2012 की धारा 5(1) रीड विद 6 लगाई। पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने BNSS धारा 183 के तहत दर्ज किया गया।

पुलिस ने केंद्रीय मंत्री के बेटे साई भगीरथ की गिरफ्तारी पर कहा कि आरोपी जांच से बचता रहा, जिसके चलते करीमनगर, दिल्ली समेत कई शहरों में तलाशी अभियान चलाए गए और लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया। 16 मई 2026 की शाम को विश्वसनीय सूचना पर साइबराबाद की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने मनचिरेवुला के टेक पार्क इलाके में नाकाबंदी कर भगीरथ को हिरासत में लिया। हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपराध की बात स्वीकार की। मेडिकल जांच के बाद उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 29 मई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बचाव पक्ष ने क्या कहा?

भगीरथ के वकील करुणासागर ने पुलिस के दावे का खंडन करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने स्वेच्छा से सरेंडर किया था। उन्होंने कहा कि हमने रात करीब 8:15 बजे टेक पार्क के पास खुद पुलिस को भगीरथ को सौंप दिया। वह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है और सभी जरूरी जानकारी दे दी है। वकील ने आगे कहा कि आरोपी कानून से भाग नहीं रहा था और जांच में सक्रिय रूप से मदद कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच और अदालती प्रक्रिया के बाद भगीरथ बेदाग साबित होंगे।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच की सीधे निगरानी कुकटपल्ली के डीसीपी रितुराज को सौंपी गई है। यह मामला वर्तमान में साइबराबाद पुलिस के Cr. No. 684/2026 के रूप में दर्ज है।