
बंदी संजय के बेटे पर POCSO का आरोपों (ANI Photo)
POCSO Case: तेलंगाना में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ पर लगे पॉक्सो (POCSO) आरोपों को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीआरएस नेता K. T. Rama Rao ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर राजनीतिक परिवारों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नारे पर तंज कसते हुए 'बेटा भगाओ, बेटा बचाओ' कहा। वहीं बंदी साई भगीरथ ने करीमनगर में पुलिस शिकायत दर्ज कर खुद को हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का शिकार बताया। KTR ने पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
KTR ने इसी मुद्दे पर X पर एक और पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार की नैतिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा की क्या हमारे देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी केंद्रीय गृह मंत्री का बेटा फरार है? उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान आरोपी के गायब होने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। KTR ने यह भी कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और किसी राजनीतिक परिवार को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।
दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री के बेटे बंदी साई भगीरथ ने शनिवार को तेलंगाना के करीमनगर में पुलिस शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने खुद को हनी ट्रैप और वसूली की साजिश का शिकार बताया। केंद्रीय मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में कहा की एक महिला ने अपनी बेटी को चारा बनाकर बंदी संजय के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की। इस योजना को कथित तौर पर अंजाम देने के बाद, उस पर भारी-भरकम रकम की मांग करने और ब्लैकमेल करने का आरोप है। बयान में आगे आरोप लगाया गया कि महिला ने अपनी बेटी की उम्र को गलत तरीके से पेश किया और मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए डर का माहौल बनाकर POCSO केस की धमकी दी।
इस पूरे मामले में KTR ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और कार्रवाई में देरी की जा रही है। KTR ने पूछा कि क्या कानून में किसी केंद्रीय मंत्री के बेटे को राहत देने का कोई अलग प्रावधान है। उन्होंने BJP के साथ-साथ राज्य की कांग्रेस सरकार को भी घेरा और कहा कि दोनों दल राजनीतिक परिवारों को बचाने में लगे हुए हैं।
KTR ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, उन्नाव मामले में राहुल गांधी पीड़ित के साथ खड़े रहे। क्या अब वह हैदराबाद आकर इस पीड़ित के साथ भी खड़े होंगे? या फिर आपकी न्याय की भावना तेलंगाना के पीड़ितों पर लागू नहीं होती, किस प्रावधान के तहत एक नाबालिग लड़की पर हनी-ट्रैप और उगाही के मामले दर्ज किए गए। इस बयान के बाद तेलंगाना में यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। BJP, कांग्रेस और BRS तीनों दल अब इस विवाद को लेकर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।
Published on:
12 May 2026 02:31 pm
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