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30,000 करोड़ की जायदाद पर Kapur Family में बड़ा विवाद, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- महाभारत भी छोटी लगेगी

30,000 करोड़ की Kapur Family संपत्ति विवाद में Supreme Court ने कहा 'महाभारत भी छोटी लगेगी।' रानी कपूर ने फर्जी दस्तावेजों से संपत्ति ट्रांसफर का आरोप लगाया, कपूर परिवार के कई सदस्य कानूनी लड़ाई में आमने-सामने।

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भारत

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Ankit Sai

May 12, 2026

kapur family 30000 crore property dispute

kapur family 30000 crore property dispute

Kapur Family Dispute: देश के चर्चित कारोबारी परिवारों में शामिल कपूर परिवार की 30,000 करोड़ की संपत्ति का विवाद अब ऐसा रूप ले चुका है कि खुद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इसकी तुलना महाभारत से कर दी। अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान जस्टिस जे बी पारदीवाला (J. B. Pardiwala) ने कहा की हम एक ऐसे मैदान में उतर आए हैं, जिसके सामने महाभारत भी बहुत छोटी लगेगी। उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर ने आरोप लगाया कि फर्जी और धोखाधड़ीपूर्ण दस्तावेजों के जरिए परिवार की संपत्तियां RK Family Trust में ट्रांसफर की गईं।

30 हजार करोड़ की संपत्ति पर विवाद

करीब 30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर चल रहे इस विवाद में अब परिवार के कई सदस्य आमने-सामने हैं। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि संजय कपूर और उनकी तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने मिलकर परिवार की संपत्तियों को एक ट्रस्ट में ट्रांसफर किया। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा काम फर्जी, बनावटी और धोखाधड़ीपूर्ण दस्तावेजों के जरिए किया गया और उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। रानी कपूर का कहना है कि उनके दिवंगत पति और सोना ग्रुप (Sona Group) के संस्थापक सुरिंदर कपूर की संपत्ति की वह अकेली लाभार्थी थीं, लेकिन बाद में सुनियोजित तरीके से अधिकार बदल दिए गए।

रानी कपूर की सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका

नई याचिका में रानी कपूर ने मांग की कि मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी होने तक प्रिया सचदेव कपूर और अन्य लोगों को RK Family Trust के कामकाज में किसी तरह का बदलाव करने से रोका जाए। उन्होंने 18 मई को होने वाली एक बोर्ड मीटिंग पर भी रोक लगाने की मांग की। यह बैठक रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बुलाई गई थी, जिसमें नए डायरेक्टर नियुक्त किए जाने की संभावना बताई गई। रानी कपूर की तरफ से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि इस बैठक से परिवार से जुड़ी कंपनियों में नियंत्रण का संतुलन बदल सकता है।

धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ को बनाया गया मध्यस्थ

इससे पहले 7 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा था। पूर्व मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया था। जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस जस्टिस उज्ज्वल की बेंच ने तब कहा था, यह एक पारिवारिक विवाद है। इसे परिवार तक ही सीमित रहने दें। यह मनोरंजन का ज़रिया नहीं बनना चाहिए। कोर्ट ने सभी पक्षों को खुले मन से मध्यस्थता में शामिल होने की सलाह दी थी और सोशल मीडिया पर बयानबाजी से बचने को कहा था।

करिश्मा कपूर के बच्चों ने भी उठाए सवाल

विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रिया सचदेव कपूर की तरफ से संजय कपूर की कथित वसीयत पेश की गई। इस पर संजय कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों समीरा और कियान ने सवाल उठाए। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में पूछा गया कि यह वसीयत संजय कपूर की मौत के बाद ही क्यों सामने आई। पोलो मैच के दौरान हुई थी संजय कपूर की मौत सोना कॉमस्टार के पूर्व चेयरमैन संजय कपूर की जून 2025 में इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद परिवार के कई सदस्य अदालत पहुंचे और विशाल संपत्ति पर अपना दावा ठोक दिया।

10,000 करोड़ संपत्ति पर दावा

रानी कपूर ने अलग से करीब 10,000 करोड़ की संपत्तियों पर अधिकार जताते हुए यह भी आरोप लगाया कि उनसे बिना पूरी जानकारी दिए कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट लगातार इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दे रहा है, लेकिन नई याचिका और अदालत की महाभारत वाली टिप्पणी से साफ है कि परिवार के भीतर तनाव अभी खत्म होने वाला नहीं है।