बैंगलोर

प्रदूषित पानी पीने से हथिनी की मौत

सबसे मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया जब मृत हथिनी का बच्चा अपनी मां के शव के पास खड़ा होकर लगातार रोता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अन्य हाथियों का झुंड भी वहां पहुंचा और बच्चे को अपने साथ जंगल की ओर ले गया।
less than 1 minute read
May 14, 2026
elephant death
मृत हथिनी का बच्चा अपनी मां के शव के पास खड़ा होकर लगातार रोता रहा।

कर्नाटक Karnataka के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य Kaveri Wildlife Sanctuary क्षेत्र में प्रदूषित अर्कावती नदी का पानी पीने से करीब 40 वर्षीय एक हथिनी Elephant की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना मद्दूर वन क्षेत्र में सामने आई। वन विभाग ने सोमवार शाम शव बरामद किया। मंगलवार सुबह सूचना मिलते ही कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया। मौके पर ही पोस्टमॉर्टम किए जाने के बाद वन विभाग के नियमों के अनुसार हथिनी का अंतिम संस्कार किया गया।

बच्चे को अपने साथ जंगल की ओर ले गया

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हथिनी के पेट में लगभग 35 लीटर पानी और विषैले तत्व पाए गए हैं। वन विभाग के अनुसार, दूषित पानी पीने के कारण हथिनी की मौत हुई। सबसे मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया जब मृत हथिनी का बच्चा अपनी मां के शव के पास खड़ा होकर लगातार रोता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अन्य हाथियों का झुंड भी वहां पहुंचा और बच्चे को अपने साथ जंगल की ओर ले गया।

वन्यजीवों के लिए जलस्रोत जहरीले बनते जा रहे हैं

रिपोर्ट के अनुसार, अर्कावती नदी का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो चुका है। कर्नाटक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नदी के कुछ हिस्सों को ‘क्लास-ई’ श्रेणी में रखा है, जिसका मतलब है कि यह पानी केवल औद्योगिक उपयोग या अपशिष्ट निस्तारण के लिए ही उपयुक्त है। शोधों में नदी के पानी में पारा, कैंसरकारी भारी धातुएं और प्रतिबंधित कीटनाशक डीडीटी जैसे खतरनाक तत्व पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक कचरे और शहरों के सीवेज का सीधा बहाव नदी में होने से वन्यजीवों के लिए जलस्रोत जहरीले बनते जा रहे हैं। इससे पहले भी अर्कावती नदी क्षेत्र में हाथियों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं।

Published on:
14 May 2026 07:02 pm