शहरी आशा नेता महालक्ष्मी ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्षों तक सेवा देने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को अपने बुनियादी अधिकारों के लिए बार-बार आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आशा फैसिलिटेटरों की सेवाएं उचित वेतन के साथ जारी रखने, सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने और राज्य बजट में घोषित 1,000 रुपए वेतन वृद्धि को लागू करने की भी मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।