बैंगलोर

बारिश को तरसते कलबुर्गी और यादगीर के किसान

दलहन की बुआई में तय लक्ष्य से 80 प्रतिशत की कमी

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Jun 30, 2018
farmer
बारिश को तरसते कलबुर्गी और यादगीर के किसान

कलबुर्गी. मानसून के दस्तक देने के बाद भी हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र बारिश के लिए तरस रहा है, जिसका परिणाम है कि कलबुर्गी और यादगीर जिलो में तूर, उड़द तथा मूंग की फसल बुरी तरह प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।

हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र में बारिश नहीं होने से कृषि गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है। राज्य के शेष हिस्सों में औसत से ज्यादा या सामान्य बारिश की तुलना में कलबुर्गी, यादगीर, बीदर, रायचूर आदि जिलों में न के बराबर बारिश हुई है। हालांकि कुछ सप्ताह पूर्व इन जिलों में मानसून पूर्व की बारिश सामान्य रही थी, जिस कारण किसानों ने तूर, उड़द तथा मूंग की बुआई शुरू कर दी थी लेकिन बाद में बारिश नहीं होने से अब किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है।

बारिश नहीं होने से बुआई का निर्धारित रकबा भी पूरा नहीं हो पाया है। कलबुर्गी में 3 लाख 78 हजार 484 हेक्टेयर भूमि पर बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अब तक मात्र 16.34 प्रतिशत भूमि यानी 84 हजार 606 हेक्टेयर में बुआई हो पाई है। इसी प्रकार यादगीर जिले में तय लक्ष्य 2 लाख 69 हजार 224 हेक्टेयर की तुलना में मात्र 15.86 प्रतिशत भूमि पर बुआई हुई है। वहीं पिछले तीन सप्ताह के दौरान इन जिलो ंमें बारिश न होने के कारण जहां बुआई हो गई वहां अब फसलों पर सूखने का खतरा मंडराने लगा है।

कृषि विभाग का कहना है कि अगर जून महीने में लगातार बारिश होती तो जून के अंत तक सौ प्रतिशत बुआई लक्ष्य प्राप्त हो जाता लेकिन अपर्याप्त बारिश के कारण किसानों के सामने चिंतनीय स्थिति उत्पन्न हो गई है। दरअसल मई के दौरान कलबुर्गी और यादगीर में औसत बारिश हुई थी जिसके बाद किसानों ने खेती की गतिविधियां शुरू कर दी थी। हालंाकि जून में बारिश नहीं होने से उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

सूत्रों के अनुसार कलबुर्गी जिले में जून में औसतन 32 मिमी बारिश होनी चाहिए लेकिन मात्र 12 मिमी बारिश हुई। अगर अगले कुछ दिन में बारिश नहीं हुई तो एक बड़े भूभाग पर बुआई का काम काफी पिछड़ जाएगा जिससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुंच सकता है।

Published on:
30 Jun 2018 08:10 pm