
बेंगलूरु. पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को 10 दिनों के लिए विशेष जांच दल की हिरासत में भेजा गया है। सितम्बर 2017 में शहर में हुई गौरी लंकेश की हत्या की जांच के लिए गठित एसआइटी न बुधवार को ही मुख्य आरोपी बनाए गए के.टी. नवीन के खिलाफ 650 पन्नों आरोप पत्र दायर किया है।
शहर के प्रथम एसीएमएम न्यायालय ने जिन आरोपियों को एसआइटी की हिरासत में भेजा है, उनमें महाराष्ट्र का अमित काले उर्फ भाईसाहब, गोवा का अनमोल देगवेकर उर्फ प्रदीप, राज्य के विजयपुर का निवासी मनोहर एडवे तथा मेंगलूरु निवासी सुजीत कुमार उर्फ प्रवीण शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने कन्नड़ लेखक व तर्कवादी के.एस. भगवान की हत्या करने की भी योजना बनाई थी।
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दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल कठोर कारावास
बेंगलूरु. उच्च न्यायालय ने छब वर्षीय लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में एक आरोपी को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी की पहचान मागड़ी तहसील के अंजिनप्पा (58) के तौर पर की गई है। इससे पूर्व आरोपी को तहसील के जेएमएफसी न्यायालय ने आरोपी को केवल दो साल कारावास की सजा सुनाई थी। मागड़ी पुलिस ने फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। न्ययाधीश आर.बी. बूदिहाल और न्यायाधीश बी.ए. पाटिल की संभागीय खंडपीठ ने पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी को 10 साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपए का जुमार्ना भी लगाया। यह राशि पीडि़ता को देने का आदेश दिया।
अगर आरोपी ने जुर्माना राशि एक माह में भुगतान नहीं किया तो उसे अतिरिक्त छह माह का कारावास की सजा देने का आदेश दिया। सरकारी वकील ने पीडि़ता, उसकी मां का बयान, चिकित्सा रिपोर्ट और अन्य कई सबूत पेश किए। इन सभी सबूतों के आधार पर उच्च न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई। सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी ने 10 अक्टूबर 2012 को पीडि़ता को चाकलेट दिलाने के बहाने अपने घर ले जाकर दुष्कर्म किया था। मागड़ी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने केवल दो साल की सजा सुनाई थी।