बैंगलोर

मुफ्त बस पास : सीएम और परिवहन मंत्री के विरोधाभासी बयान

कभी नहीं किया मुफ्त बस पास का वादा : एच डी कुमारस्वामी

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मुफ्त बस पास : सीएम और परिवहन मंत्री के विरोधाभासी बयान

बेंगलूरु. राज्य भर में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मुफ्त बस पास की मांग को लेकर नाराजगी जताई। कुमारस्वामी ने संकेत दिया कि वे मुफ्त में बस पास दिए जाने के पक्षधर नहीं हैं। कुमारस्वामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी भी विद्यार्थियों को मुफ्त बस पास देने का वादा नहीं किया था।

कुमारस्वामी ने काफी तल्खी भरे अंदाज में कहा कि हर चीज के लिए सब्सिडी देना संभव नहीं है। कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विश्व के छठे अमीर देश के तौर पर उभरने का दावा कर रहे हैं लेकिन मुझे उनके इस दावे पर संदेह हो रहा है। लोग यहां सरकार से हर चीज मुफ्त मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

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मंत्री तमण्णा ने फिर दिया भरोसा सभी विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
बेंगलूरु. परिवहन मंत्री डी. सी. तम्मण्णा ने कहा कि सभी छात्रों को मुफ्त बस पास मिलेंगे। इस का आधा खर्च सरकार उठाएगी और बाकी परिवहन और शिक्षा विभाग वहन करेंगे। तम्मण्णा ने शनिवार को तिरुपति जाते समय कोलार में संवाददाताओं से कहा कि पहले चरण में 19 लाख छात्रों को पास दिए जाएंगे। इसके लिए 630 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे। दूसरे चरण में बाकी छात्रों को बस पास मिलेंगे। वित्त विभाग के फैसले की प्रतीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों के ऋण माफ करने के लिए सभी विभागों के अनुदान में पच्चीस फीसदी कटौती की गई है। अगर परिवहन विभाग के अनुदान में कटौती नहीं होती तो छात्रों को मुफ्त बस पास बहुत पहले ही मिल जाते। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था ऑनलाइन की गई है। इससे दलालों से छुटकारा पाने और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण का अवसर मिला है। सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में रिक्त पदों पर शीघ भर्ती होगी।

उन्होंने कहा कि चारों निगम शीघ्र ही गांवों में बसें चलाएंगे। इन बसों में किसानों को सब्जी, बागवानी उत्पाद और अन्य चीजें ले जाने की सुिवधा होगी। कूरियर व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि निचले स्तर के कर्मचारियों का उत्त्पीडऩ नहीं किया जाए। ऐसी सबसे अधिक घटनाएं कोलार जिले में हुई हैं। निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। वे सभी जिलों का दौरा कर इन समस्याओं का निवारण करेंगे। फिलहाल सरकारी बसों के किरायों मेें वृद्धि करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।

फरवरी में सिद्धू सरकार ने किया था वादा
सिद्धरामय्या सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले फरवरी में पेश किए गए बजट में सभी वर्गों के विद्यार्थियों को मुफ्त बस पास देने की घोषणा की थी। इसे तब लोकलुभावनी घोषणा माना गया था। गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद जब कुमारस्वामी ने 5 जुलाई को संशोधित बजट पेश किया तब उन्होंने सिद्धरामय्या सरकार की सभी योजनाओंं को जारी रखनी की घोषणा की लेकिन परिवहन निगमों को इस योजना के लिए धन जारी नहीं किया गया।

सरकार से धन नहीं मिलने के कारण परिवहन निगमों ने मुफ्त बस पास जारी करने से मना कर दिया। हालांकि, रियायती पास जारी किए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। दो दिन पहले शिक्षा और परिवहन मंत्री ने अपने-अपने विभाग के योजना के 25-25 फीसदी खर्च वहन करने की बात कही थी।

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Published on:
22 Jul 2018 08:11 pm
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