फ्रेशर्स (पहली बार परीक्षा दे रहे) छात्रों के लिए निर्धारित प्रश्न पत्र की जगह परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने रिपीटर छात्रों के लिए तैयार किया गया प्रश्न पत्र दे दिया। छात्राओं ने शुरुआत में इस गलती पर ध्यान नहीं दिया और परीक्षा लिखना शुरू कर दिया, हालांकि उन्हें प्रश्न कठिन लगे।
कर्नाटक Karnataka के हासन जिले के बेलूर स्थित सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर गर्ल्स में सोमवार को द्वितीय पीयू कंप्यूटर साइंस परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। परीक्षा देने वाली छह छात्राओं को गलती से गलत प्रश्नपत्र थमा दिया गया, जिससे वे अब अपने परिणाम को लेकर चिंतित हैं।
फ्रेशर्स (पहली बार परीक्षा दे रहे) छात्रों के लिए निर्धारित प्रश्न पत्र की जगह परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने रिपीटर छात्रों के लिए तैयार किया गया प्रश्न पत्र दे दिया। छात्राओं ने शुरुआत में इस गलती पर ध्यान नहीं दिया और परीक्षा लिखना शुरू कर दिया, हालांकि उन्हें प्रश्न कठिन लगे।
परीक्षा खत्म होने के बाद जब उन्होंने अन्य सहपाठियों से चर्चा की, तब उन्हें गलती का पता चला। इसके बाद वे तुरंत परीक्षा कक्ष में गईं और अधिकारियों को जानकारी दी। अपनी गलती स्वीकार करते हुए अधिकारियों ने उन्हें नया प्रश्नपत्र दिया, लेकिन उसे हल करने के लिए केवल 30 मिनट का समय दिया गया।छात्राओं का कहना है कि यह समय पर्याप्त नहीं था। उन्होंने बताया, कुछ प्रश्न हमारे सिलेबस से जुड़े थे, इसलिए हमें तुरंत समझ नहीं आया कि पेपर गलत है। लेकिन कई सवाल हमारे पढ़े हुए विषयों से बाहर थे। जब हमने अधिकारियों से पूछा, तब हमें नया पेपर दिया गया, लेकिन केवल आधे घंटे में पूरा करने को कहा गया।
इस घटना के बाद अधिकारियों ने छात्राओं को 25 अप्रेल से शुरू होने वाली दूसरी वार्षिक परीक्षा में सुधार परीक्षा देने की सलाह दी है। हासन के प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा के उपनिदेशक के.पी. गंगाधर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा, एक ही कक्ष में फ्रेशर्स और रिपीटर्स दोनों थे। प्रश्न पत्र बांटने से पहले अधिकारियों को जांच करनी चाहिए थी।