बैंगलोर

एक पखवाड़े तक आम लोगों के लिए खुलेगा राजभवन का द्वार

राज्यपाल वजूभाई वाळा ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पहली बार राजभवन के द्वार आम लोगों के लिए खोलने का निर्णय लिया है
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rajbhavan
एक पखवाड़े तक आम लोगों के लिए खुलेगा राजभवन का द्वार

बेंगलूरु. राष्ट्रपति भवन की तरह अब राजभवन का द्वार भी आम लोगों के लिए खुलेगा। राज्य के इतिहास में पहली बार इस महीने एक पखवाड़े तक आम लोग विशाल राजभवन की भव्यता को निहार सकेंगे। राज्यपाल वजूभाई वाळा ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पहली बार राजभवन के द्वार आम लोगों के लिए खोलने का निर्णय लिया है।

एक पखवाड़े तक रोजाना ढाई घंटे तक राजभवन का द्वार आम लोगों के लिए खोला जाएगा और इस दौरान करीब 150 लोग राजभवन की सैर कर सकेंगे। विधानसौधा से चंद कदमों की दूरी स्थिति ब्रिटिश कालीन राजभवन राज्यपाल का कार्यालय सह आवास है। राजभवन के अधिकारियों के मुताबिक 16 से 31 अगस्त को दौरान हर दिन शाम में 4 से 6.30 बजे तक राजभवन आम लोगों के लिए खुलेगा। सार्वजनिक अवकाश के दौरान भी राजभवन खुलेगा।


ऑनलाइन लेना होगा समय
राजभवन के अधिकारियों ने बताया कि जो लोग इस अवधि के दौरान राजभवन की सैर करना चाहते हैं उन्हें इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। राजभवन की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर भ्रमण के लिए पंजीकरण करना होगा। पंजीयन भ्रमण की तारीख से कम से कम पांच दिन पहले होना चाहिए। पंजीयन के अनुमोदित होने पर ई-मेल और एसएमएस भेजकर जानकारी भी दी जाएगी। राजभवन के अधिकारियों के मुताबिक राज्यपाल चाहते थे कि आम लोगों को भी राजभवन देखने और यहां के माहौल का आनंद लेने का मौका मिले ताकि यह उनके लिए सुखद और अविस्मरणीय बन सके।

आम दिनों में राजभवन जाने का मौका सिर्फ विदेशी मेहमानों, राजनयिकों, उच्चाधिकारियों व गणमान्य लोगों को ही मिलता है। राजभवन के अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे विचार है कि स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमि में लोगों को राजभवन घूमने का मौका मिले। साथ ही इतिहास और विरासत से भी रु-ब-रु हो सकें।


पांच पर्यटन गाइड कराएंगे सैर
राजभवन घूमने आने वाले लोगों को वहां की खासियतों से परिचित कराने के लिए राजभवन प्रशासन की ओर से पांच गाइड भी तैनात किए जाएंगे। ये गाइड अलग-अलग समूहों में पर्यटकों को राजभवन की सैर कराने के साथ ही वहां की आंतरिक सज्जा और विशिष्टता के बारे में भी बताएंगे। आम लोग ग्लास हाउस, रॉयल बॉल रुम और लाउंज भी देख सकेंगे।


20 से 30 मिनट की सैर
अधिकारियों के मुताबिक लोगों को अलग-अलग समूहों में राजभवन की सैर करने की इजाजत दी जाएगी। हर समूह में 30 लोग होंगे और राजभवन घूमने के लिए 20-30 मिनट का वक्त मिलेगा। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को राजभवन के मुख्य द्वार से प्रवेश मिलेगा और ऑनलाइन आवेदन के अनुमोदन के दिए गए समय से 15 मिनट पहले वहां पहुंचना आवश्य होगा। देर से पहुंचने वाले लोगों को समय आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आगंतुक अकेले अथवा अधिकतम पांच लोगों के समूह में आ सकते हैं।

आगंतुकों के लिए पंजीयन के समय दिए गए पहचान पत्र को दिखाना भी अनिवार्य होगा। सुरक्षा कारणों से हैंडबैग, मोबाइल फोन और कैमरे अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। किसी अति महत्वपूर्ण व्यक्ति के दौरे अथवा अन्य कारणों से आम लोगों के लिए सैर रद्द किए जाने पर उन्हें पंजीयन कराने वालों को अगली तिथि भी देने की कोशिश की जाएगी। ब्रिटिश काल में राजभवन को बेंगलूरु अथवा मैसूरु स्टेट रेजिडेंसी के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण 1840-42 के दौरान मैसूरु प्रांत के आयुक्त रहे सर मार्क कब्बन ने कराया था।

Published on:
08 Aug 2018 08:31 pm