बैंगलोर

राज्यपाल को स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार सरकार : परमेश्वर

विधेयक के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के बोले गए या लिखे गए शब्द, संकेतों, दृश्य चित्रों, इलेक्ट्रॉनिक संचार अथवा किसी अन्य माध्यम से सार्वजनिक रूप से किसी जीवित या मृत व्यक्ति, व्यक्तियों के वर्ग, समूह या समुदाय के खिलाफ चोट पहुंचाने, दुश्मनी, नफरत या बुरी भावनाएं भडकाने के उद्देश्य से किया गया कृत्य घृणा भाषण की श्रेणी में आएगा।

2 min read
Jan 13, 2026
file photo

-घृणास्पद भाषण व अपराध रोकथाम विधेयक पर बोले गृह मंत्री

गृह मंत्री डाॅ. जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार घृणास्पद भाषण और घृणा अपराध रोकथाम विधेयक Hate Speech and Hate Crimes Prevention Bill पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत को आवश्यक स्पष्टीकरण देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह विधेयक फिलहाल राज्यपाल की मंजूरी की प्रतीक्षा में है।

ये भी पढ़ें

नेतृत्व पर फैसला लेना है तो फरवरी से पहले करे कांग्रेस आलाकमान: परमेश्वर

यहां पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्री ने कहा, राज्य सरकार पहले ही राज्यपाल को विधेयक से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां दे चुकी है। यदि राज्यपाल और कोई स्पष्टीकरण चाहते हैं, तो सरकार वह भी उपलब्ध कराएगी।

ऐसे बयानों के गंभीर दुष्परिणाम

विधेयक के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए परमेश्वर ने कहा कि इसे दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, यह विधेयक उन लोगों के विरुद्ध है जो भ्रामक और भडकाऊ बयान देकर समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाते हैं। ऐसे बयानों के गंभीर दुष्परिणाम होते हैं और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पडता है। इन्हीं पहलुओं पर विस्तार से विचार के बाद यह विधेयक लाया गया है।

सरकार उत्तर देने के लिए तैयार

उन्होंने बताया कि विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करते समय इसके सभी प्रावधानों की जानकारी दी गई थी। गृह मंत्री ने कहा, विपक्षी भाजपा ने इस विधेयक का विरोध किया था। विधानसभा से पारित होने के बाद इसे राज्यपाल के पास भेजा गया है। यदि किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण मांगा जाता है, तो सरकार उत्तर देने के लिए तैयार है।

घृणा भाषण की श्रेणी में

विधेयक के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के बोले गए या लिखे गए शब्द, संकेतों, दृश्य चित्रों, इलेक्ट्रॉनिक संचार अथवा किसी अन्य माध्यम से सार्वजनिक रूप से किसी जीवित या मृत व्यक्ति, व्यक्तियों के वर्ग, समूह या समुदाय के खिलाफ चोट पहुंचाने, दुश्मनी, नफरत या बुरी भावनाएं भडकाने के उद्देश्य से किया गया कृत्य घृणा भाषण की श्रेणी में आएगा।

इस विधेयक में दोष सिद्ध होने पर एक लाख रुपए तक के जुर्माने और सात वर्ष तक के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

Published on:
13 Jan 2026 08:54 pm
Also Read
View All

अगली खबर