विकास करना है तो डाटा महत्वपूर्ण,लेकिन इसकी पूरी सुरक्षा भी जरूरी, डाटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
बेंगलूरु. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को यहां कहा कि केंद्र सरकार चुनावों को प्रभावित करने के लिए डाटा के किसी भी अनाधिकृत उपयोग को बर्दाश्त नहीं करेगी। वे यहां भाजपा की ओर से आयोजित बेंगलूरु ग्लोबल आईटी हब - रोड अहेड नामक संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रसाद ने चेतावनी दी कि सरकार संपाश्र्विक प्रायोजनों के लिए डाटा का दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार एकदम स्पष्ट है। किसी व्यक्ति के निजी डाटा का इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना या संपाश्र्विक प्रायोजन के लिए या चुनाव प्रभावित करने की मंशा से किया जाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार का रुझान इस बारे में पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि डाटा के साथ पांच महत्वपूर्ण बिंदु : उपलब्धता, उपयोगिता, नवोन्मेष, गोपनीयता और निजता जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकास करना है, तो डाटा महत्वपूर्ण है। अगर किसी विशेष क्षेत्र में लोग प्रभावित हो रहे हैं, तो डाटा की उपलब्धता वजह से हम इससे निपटने के लिए अच्छी नीति बना सकते हैं। लेकिन यह अनाम डाटा होना चाहिए अगर नवाचार करना है, तो डाटा की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। आपकी स्वास्थ्य की स्थिति, आपकी आधिकारिक प्राथमिकताएं, पारिवारिक और वैवाहिक प्रकृति वाले रिश्तों के मामलों में गोपनीयता बरकारर रहनी चाहिए। लेकिन गोपनीयता के मुद्दे को उन लोगों बढ़ा-चढ़ा कर रखा हुआ है, जो एक ओर तो सूचना के अधिकार की बात करते हैं लेकिन दूसरी ओर गोपनीयता का मुद्दा भी उठाते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केंब्रिज एनालिटिका और फेसबुक को डाटा लीक करने के मुद्दे पर नोटिस दिए हैं। उनका जवाब मिलने के बाद कार्रवाई के बारे में फैसला किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफार्म के दुरुपयोग के बारे में प्रसाद ने कहा कि वे मीडिया की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की वकालत करते हैं लेकिन यदि कोई सोशल मीडिया का दुरुपयोग अतिवाद, आतंकवाद या सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने के लिए करता है तो यह चिंता की बात है। प्रसाद ने कहा कि रिटायर जज श्रीकृष्णा की अध्यक्षता वाली एक समिति को डाटा संरक्षण कानून के बारे में एक रिपोर्ट देने को कहा गया है, जो जल्द ही सामने आएगी। प्रसाद ने बेंगलूरु में बुनियादी ढांचे की स्थिति पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि आईटी हब होने के बावजूद शहर में बुनियादी ढांचे की हालत खराब है। मेट्रो परियोजना में लगातार देरी और बारिश के दौरान पानी भरने के कारण बनने वाले हालात को लेकर मीडिया में लगातार सुर्खियां आती रही हैं।