बैंगलोर

कृषि उपज बेचने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्‍स को विनियमित करने संबंधी विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी

कृषि विपणन निदेशक से लाइसेंस प्राप्त किए बिना कोई भी प्लेटफॉर्म संचालित नहीं हो सकता है, जो आवश्यक शुल्क और सुरक्षा जमा निर्धारित करेगा। निदेशक को अब उपकर धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।

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उल्लंघन करने वालों को छह महीने की जेल और 1 लाख रुपए का जुर्माना

बेंगलूरु. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कृषि उपज की बिक्री में शामिल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के उद्देश्य से एक विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। नए नियमों का उल्लंघन करने वालों को छह महीने तक की कैद या 1 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

कर्नाटक कृषि उपज विपणन (विनियमन और विकास) (संशोधन) अधिनियम-2025, अमेज़ॅन, बिगबास्केट, डी-मार्ट और उड़ान जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को कृषि विपणन कानूनों के दायरे में लाने का प्रयास है।

कृषि विपणन निदेशक से लाइसेंस प्राप्त किए बिना कोई भी प्लेटफॉर्म संचालित नहीं हो सकता है, जो आवश्यक शुल्क और सुरक्षा जमा निर्धारित करेगा। निदेशक को अब उपकर धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।

Updated on:
25 Mar 2025 11:14 pm
Published on:
25 Mar 2025 11:13 pm
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