1137 करोड़ में से 237 करोड़ रुपए कर संग्रह
बेंगलूरु. कई प्रयासों के बावजूद पंचायतों में अपेक्षित स्तर पर कर संग्रहण नहीं होने के कारण यहां शतप्रतिशत कर संग्रहण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऑनलाइन कर संग्रहण की सुविधा उपलब्ध की जा रही है। ग्रामीण विकास तथा पंचायत राज विभाग के प्रमुख सचिव एल.के. अतीक के अनुसार इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों की व्याप्ति में आनेवाली सभी अचल संपत्तियों को चिन्हित कर इन भवनों के मालिकों से कर संग्रहण किया जाएगा। यह व्यवस्था अभी तक केवल बेंगलूरु शहर तथा ग्रामीण जिले तक सीमित थी, इस व्यवस्था को अब सभी जिला पंचायतों में लागू किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई किस्म के कर संग्रहण का अधिकार दिया गया है। लेकिन इस अधिकार का उपयोग ही नहीं होनेे से ग्राम पंचायतों को अपेक्षित स्तर पर राजस्व नहीं मिल रहा है। जिससे पंचायतें विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के अनुदान का इंतजार करती हैं। अगर कानूनी प्रावधान के मुताबिक पंचायतों में कर संग्रहण किया जाता है तो पंचायतें काफी हद तक आत्मनिर्भर हो सकती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र का समग्र विकास भी संभव है।
ग्राम पंचायत क्षेत्र की अचल संपत्तियों के अलावा, पवन उर्जा संयंत्र, औद्योगिक क्षेत्र, हवाईअड्डों से भी पंचायतें कर वसूल सकती हैं। अगर नियमों के अनुसार पंचायतें कर संग्रहण करती हैं तो उनके राजस्व में 10 गुणा तक वृद्धि संभव है। उल्लेखनीय है कि राज्य में 6024 ग्राम पंचायतों की व्याप्ति में 12,158,516 संपत्तियां हैं। इनसे 1137 करोड़ रुपए का संपत्ति कर संग्रहण किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा केवल 243 करोड़ रुपए संग्रहित हो पा रहे हैं। इस हिसात से प्रति वर्ष पंचायतों को लगभग 1 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
भैंस को बाहर निकालने के चक्कर तालाब में डूबने से वृद्ध की मौत
मण्ड्या. केआरपेट तहसील के मारनकहल्ली गांव में भैंस को तलाब से निकालने के दौरान एक वृद्ध डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
केआरपेट पुलिस के अनुसार मारनकहल्ली निवासी नंजेगौड़ा (68) मंगलवार दोपहर को भैसों को तालाब से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। तभी गहराई में चला गया। नंजेगौड़ा के देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसे तलाशा। तालाब किनारे चप्पल दिखी दी तो छानबीन की। तभी शव नजर आया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को गोताखोर की मदद बाहर निकाला।