
बेंगलूरु. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी. सुवर्ण राजू ने बुधवार को एचएएल हवाई अड्डे से स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस में उड़ान भरी। दो सीट वाले तेजस प्रोटोटाइप वैरियंट-5 (पीवी-5) को एचएएल के मुख्य टेस्ट पायलट गु्रप कैप्टन केके वेणुगोपाल (सेवानिवृत्त) ने उड़ाया।
एचएएल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अपनी इस रोमांचक उड़ान में तेजस ने 30 हजार फीट की ऊंचाई को छुआ और 1.1 मैक की सुपरसोनिक गति पकड़ी। इस दौरान सिमुलेशन तकनीक के जरिए दृश्य सीमा से परे जाकर मार करने वाली बीवीआर मिसाइल फायर करने का अभ्यास भी किया। उड़ान भरने के बाद सुवर्ण राजू ने कहा कि तेजस एक शानदार फ्लाइंग मशीन है जो आने वाले दिनों में वायुसेना की लड़ाकू शक्ति की रीढ़ की हड्डी बनेगा। उड़ान के दौरान पायलट ने हवा से जमीन पर मार करने की तेजस की क्षमता प्रदर्शन भी किया।
सिमुलेशन तकनीक का उपयोग करते हुए लेजर गाइडेड बम से जमीन पर स्थित ठिकानों को ध्वस्त करने का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान पायलट ने युद्ध की परिस्थितियों में एक युद्धक के लिए आवश्यक मैनुवर क्षमता का भी प्रदर्शन किया। उड़ान भरने के बाद जब तेजस लैंडिंग के लिए आया तो फिर सिमुलेशन तकनीक का उपयोग कर कम दृश्यता वाली परिस्थिति पैदा की गई और ऑटोमेटिक एप्रोच मोड में एयरक्राफ्ट सफलतापूर्वक रन-वे पर उतरा।
राजू ने कहा कि एचएएल एशिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट उत्पादन केंद्र है और वह राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। तेजस के त्वरित आपूर्ति के लिए एचएएल ने उत्पादन दर बढ़ा दी है ताकि वायुसेना की जरूरतें पूरी की जा सके। इसके लिए निजी उद्योगों का भी पूरा सहयोग लिया जा रहा है। एचएएल उन्नत क्षमता वाले 83 तेजस मार्क-1 ए युद्धकों के उत्पादन के लिए वायुसेना के साथ बातचीत कर रहा है।