
भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि कुमारस्वामी किसानों का विश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं
बेंगलूरु. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में सभी दल किसानों का दिल जीतने की कोशिश में जुटे हैं। खुद को भूमि पुत्र बताने वाले जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अपने पिता एच डी देवेगौड़ा के नक्शे कदम पर चलते हुए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने शनिवार को मण्ड्या जिले के सतीपुरा व अरलकुप्पे गांव में धान की रोपाई की।
कुमारस्वामी के इस कदम को राजीनीतिक हलकों में किसानों को रिझाने और विपक्ष व आलोचकों को जवाब देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। किसानों के साथ धान की रोपाई कर विरोधियों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे किसानों की समस्याओं से अवगत हैं। साथ ही किसानों को यह भी भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ है और किसानों को हर संभव मदद भी कर रही है।
किसान बनना सिर्फ राजनीतिक खेल
कुमारस्वामी धान रोपनी में भाग लेने को लेकर विपक्षी भाजपा के नेताओंं के आलोचनाओं पर पलटवार किया। कुमारस्वामी ने कहा कि वे यहां कोई नाटक करने नहीं आए हैं बल्कि वे किसानों की समस्याओंं को लेकर चिंतित हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा और केंद्रीय मंत्री एच एन अनंत कुमार ने किसानों की समस्याओं के प्रति कुमारस्वामी प्रतिबद्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। उधर, जद-एस के प्रदेश अध्यक्ष ए एच विश्वनाथ ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि कुमारस्वामी किसानों का विश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि भाजपा देश को बांटने में जुटी है।
गौरतलब है कि कुमारस्वामी ने संशोधित बजट में किसानों के 34 हजार करोड़ का ऋण माफ करने की घोषणा की थी और बाद में इसमें 10 हजार 700 करोड़ का और चालू सहकारी ऋण भी जोड़ दिया था लेकिन आदेश जारी नहीं होने के कारण किसानों को अभी लाभ नहीं मिला है। विपक्ष इसे लेकर सरकार को घेर रहा है।